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Two smugglers were sourcing heroin from Punjab and distributing it in the city; both, including a young woman, have been arrested.
रायपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक युवती समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पंजाब से हेरोइन मंगाकर शहर में ऊंची कीमत पर बेचने का आरोप है। पुलिस ने उनके कब्जे से 45.34 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत 9.17 लाख रुपये बताई गई है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दूसरे राज्य से नशीला पदार्थ मंगवाते थे और फिर स्थानीय स्तर पर उसकी बिक्री करते थे। पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य सप्लायरों के बारे में भी जानकारी मिली है। अब उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिमरन सिटी निवासी तरुण बजाज और टीचर कॉलोनी निवासी खुशी गभाने के रूप में हुई है। तरुण पहले भी चिट्टा तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा नशे के कारोबार में कदम रखा और खुशी के साथ मिलकर तस्करी करने लगा। पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह अलग-अलग स्थानों पर खुशी को भेजता था। इस तरीके से दोनों कथित तौर पर हेरोइन की बिक्री का काम संचालित कर रहे थे।
पुलिस की पूछताछ में पंजाब से हेरोइन की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जो दूसरे राज्यों से नशीले पदार्थ की खेप रायपुर तक पहुंचाते थे। अधिकारियों का प्रयास इस नेटवर्क के स्थानीय विक्रेताओं के साथ-साथ मुख्य सप्लायरों तक पहुंचना है।
रायपुर में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अब राज्य स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित करने की तैयारी है। इस विशेष टीम के जरिए जिलों में चल रही कार्रवाई को समन्वित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर टीम दूसरे राज्यों में जाकर भी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य गांजा और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले लोगों तक पहुंचना और पूरे तस्करी नेटवर्क को समाप्त करना है।
पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद राजधानी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 221 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और चार करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं।कार्रवाई के दौरान दूसरे राज्यों से जुड़े 36 आरोपियों को भी पकड़कर रायपुर लाया गया है। वहीं इस साल अदालतों से 305 नशा तस्करों को सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें कुछ आरोपियों को 20 साल तक के कारावास का दंड मिला है।राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के गठन से अब नशे की आपूर्ति करने वाले बड़े नेटवर्क और अंतरराज्यीय तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को और व्यापक बनाने की तैयारी है।