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UP and Punjab lead in doping cases... Sports Minister presents data in Parliament.
नई दिल्ली। भारतीय खेलों में डोपिंग की समस्या को लेकर संसद में सोमवार को अहम जानकारी सामने आई। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने लोकसभा में बताया कि वर्ष 2026 में 15 जुलाई तक देश में डोपिंग के 78 मामले दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों में उत्तर प्रदेश और पंजाब सबसे आगे रहे हैं। दोनों राज्यों से 13-13 डोपिंग मामले सामने आए हैं। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पिछले तीन वर्षों में प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन में पकड़े गए खिलाड़ियों की संख्या को लेकर सवाल पूछा था, जिसके जवाब में खेल मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
खेल मंत्री के अनुसार, डोपिंग मामलों में उत्तर प्रदेश और पंजाब के बाद मध्य प्रदेश का स्थान है। मध्य प्रदेश में 11 खिलाड़ी डोपिंग उल्लंघन के मामलों में पाए गए हैं। वहीं, कर्नाटक में नौ मामले दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मेघालय और सिक्किम से डोपिंग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
मनसुख मांडविया ने बताया कि देश में डोपिंग के मामलों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बदलती रही है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में भारत में 213 डोपिंग मामले दर्ज हुए थे। इसके बाद 2024 में यह संख्या बढ़कर 260 तक पहुंच गई। वहीं, 2025 में मामलों की संख्या घटकर 131 रह गई।
खेल मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी नियम 2021 के तहत डोपिंग में दोषी पाए जाने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। ऐसे खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि डोपिंग रोकने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों के नुकसान और नियमों की जानकारी देने के लिए सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि डोपिंग मुक्त खेल वातावरण तैयार करना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल से जुड़े अन्य लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि देश में निष्पक्ष और सुरक्षित खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।