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Undeterred by her mother's passing, she turned her struggle into strength... Khushbu Nagvanshi is now shining on the international stage.
नारायणपुर। जीवन में आई बड़ी मुश्किलें अक्सर लोगों को तोड़ देती हैं, लेकिन नारायणपुर की खुशबू नागवंशी ने चुनौतियों को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। मां के निधन के बाद गहरे मानसिक अवसाद से जूझ रही खुशबू ने हार मानने के बजाय खुद को फिटनेस और खेल की दुनिया में झोंक दिया। आज वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।
साल 2019 में मां के निधन के बाद खुशबू का जीवन पूरी तरह बदल गया था। वह लंबे समय तक मानसिक तनाव और अवसाद से गुजरती रहीं। इसी दौरान उन्होंने फिटनेस को अपना सहारा बनाया। जिम में बिताया गया समय धीरे-धीरे उनके जीवन का नया लक्ष्य बन गया और यही सफर उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक ले गया।
खुशबू ने वर्ष 2022 में तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस उपलब्धि ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
इसके बाद रायगढ़ में आयोजित प्रतियोगिता में भी उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ष 2024 में दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर खुशबू ने देश का प्रतिनिधित्व किया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
वर्तमान में खुशबू दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। 11 से 14 जून तक चल रहे इस आयोजन में भारत सहित कई देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
खुशबू की सफलता के पीछे उनके कोच दिलीप यादव का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। कठिन दौर में उन्होंने न केवल खुशबू का हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें पेशेवर स्तर पर आगे बढ़ने के लिए भी लगातार प्रेरित किया।
एक साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली खुशबू नागवंशी आज हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत के दम पर किसी भी मुश्किल को सफलता में बदला जा सकता है।