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Unemployment rate in Chhattisgarh is 2.3 percent...claims improvement in rural economy and employment through schemes
रायपुर। केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के अनुसार छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 2.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम बताया जा रहा है।
पिछले वर्षों में भी स्थिर रही बेरोजगारी दर
रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 और 2023-24 में भी राज्य में बेरोजगारी दर 2.4 प्रतिशत के आसपास रही थी। लगातार स्थिर और कम दर को राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकारी नीतियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रभाव
राज्य सरकार का दावा है कि कृषि, वनांचल विकास, लघु वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीद, स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण और कुटीर उद्योगों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इसके चलते स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए साधन विकसित हुए हैं और पलायन में कमी आई है।
कौशल विकास और स्वरोजगार पर जोर
प्रदेश में युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। सरकार का कहना है कि केवल रोजगार देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी प्राथमिक लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री का बयान और विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य हर युवा, किसान, महिला और श्रमिक को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने दावा किया कि सुशासन और जनहितकारी योजनाओं से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
औद्योगिक विकास और रोजगार विस्तार की रणनीति
राज्य में नई औद्योगिक नीति के तहत निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इसके सकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे दिखाई देने लगे हैं और भविष्य में रोजगार के और अवसर पैदा होंगे।
अब उद्योगों की 24 घंटे निगरानी
राज्य सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और तकनीकी निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उद्योग पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
राखड़ प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा पर फोकस
जांजगीर-चांपा समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश और राखड़ निस्तारण के लिए सख्त मानक लागू किए गए हैं। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीक से पर्यावरणीय नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
समग्र लक्ष्य: विकास और पर्यावरण में संतुलन
सरकार का दावा है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों पर समान रूप से काम किया जा रहा है, ताकि प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सके।