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Uttarakhand Char Dham Yatra: Neither rain, landslides, nor blocked roads could halt the steps of faith... Record number of pilgrims visited Char Dham in August... Badrinath led the way.
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की पहाड़ियों में अगस्त के दौरान लगातार बारिश, भूस्खलन और कई बार यात्रा मार्ग बाधित होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नही हुआ। चारधाम यात्रा ने इस बार अगस्त महीने में पिछले चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कुल 2 लाख 31 हजार 518 यात्रियों ने दर्शन किए।
अगस्त में चारधाम के बीच बद्रीनाथ श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना रहा। यहां 1 लाख 25 हजार 967 यात्रियों ने भगवान बद्रीनाथ के दर्शन किए। केदारनाथ में 53 हजार 506, गंगोत्री में 27 हजार 570 और यमुनोत्री में 24 हजार 455 श्रद्धालु पहुंचे।खास बात यह रही कि केदारनाथ में भी तीन साल बाद अगस्त महीने में श्रद्धालुओं की संख्या इस स्तर तक पहुंची। खराब मौसम और यात्रा मार्ग पर पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद धार्मिक पर्यटन का उत्साह बरकरार रहा।
इस वर्ष अगस्त में चारधाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या 2,31,518 रही। इसके मुकाबले 2025 में 1,37,838, 2024 में 1,13,016 और 2023 में 1,75,370 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस तरह 2026 का आंकड़ा पिछले चार साल में अगस्त का सबसे ऊंचा स्तर बन गया।कोरोना काल के बाद अगस्त 2022 में 2.67 लाख से अधिक यात्रियों के पहुंचने का आंकड़ा जरूर सामने आया था, लेकिन उसके बाद के वर्षों में अगस्त में इतनी बड़ी संख्या नही देखी गई थी।
चारधाम यात्रा के आंकड़ों के अनुसार इस बार अगस्त में पिछले वर्ष की तुलना में 93,680 अधिक श्रद्धालु पहुंचे। वही 2024 के मुकाबले यह बढ़ोतरी 1,18,502 यात्रियों की रही।उत्तराखंड चारधाम यात्रा की शुरुआत इस वर्ष 19 मई से हुई थी। जुलाई में यात्रा की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन अगस्त में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी। भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन के बावजूद यात्रियों का प्रवाह बना रहा।
चारधाम के साथ ही हेमकुंड साहिब में भी अगस्त का महीना बेहद खास रहा। अगस्त 2026 में यहां 67,863 श्रद्धालु पहुंचे, जो इस अवधि में रिकॉर्ड संख्या है।हेमकुंड साहिब की यात्रा 1 जून से शुरू हुई थी और अब तक करीब 2.89 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके है। पिछले वर्ष पूरे यात्रा सीजन में यहां 2 लाख 74 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इस लिहाज से इस बार यात्रा सीजन पूरा होने से पहले ही पिछले साल का आंकड़ा पार हो चुका है।
उत्तराखंड में अगस्त के दौरान मौसम ने कई बार यात्रा के सामने मुश्किलें खड़ी की। तेज बारिश, भूस्खलन और हाईवे बंद होने जैसी परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में जिस तरह बढ़ोतरी हुई, उससे चारधाम यात्रा के प्रति लोगों की मजबूत आस्था और उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मिलता है।