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jashpur district hospital doctor bribe medical certificate 500 rupees video viral investigation
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर स्थित राजा देवशरण जिला अस्पताल में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के बदले रिश्वत मांगने और लेने का आरोप सामने आया है। अस्पताल के डॉक्टर डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के एवज में एक हजार रुपए की मांग की थी। बाद में कथित तौर पर 500 रुपए में प्रमाण पत्र बनाने की बात तय हुई। डॉक्टर को रुपए देते हुए बनाया गया वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन के जरिए की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच टीम गठित की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छात्रावास में एडमिशन के लिए चाहिए था मेडिकल सर्टिफिकेट
मामला सन्ना थाना क्षेत्र के कवई गांव से जुड़ा है। यहां रहने वाले मुक्तेश्वर राम ने शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, 4 जुलाई 2026 को वह अपने दोस्त सहिन्द्र राम की बेटी करिश्मा का मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के लिए राजा देवशरण जिला अस्पताल पहुंचे थे।
बताया गया है कि करिश्मा को आरा चौकी क्षेत्र के झपरा स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में प्रवेश लेना था। छात्रावास में एडमिशन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी होने के कारण मुक्तेश्वर राम उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे।
डॉक्टर पर 1 हजार रुपए मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला अस्पताल में उनकी मुलाकात डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल से हुई। उन्होंने डॉक्टर से मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने का अनुरोध किया। आरोप है कि डॉक्टर ने प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1 हजार रुपए की मांग की।
मुक्तेश्वर राम का कहना है कि उनके पास उस समय एक हजार रुपए नहीं थे। उन्होंने डॉक्टर से कम रकम लेने का अनुरोध किया। शिकायत के मुताबिक, इसके बाद डॉक्टर कथित तौर पर 500 रुपए लेकर मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए तैयार हुए।
रुपए देते समय मोबाइल से बनाया वीडियो
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर को 500 रुपए दिए और इसी दौरान मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रही घटना के पूरे संदर्भ की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सीएम हेल्पलाइन में पहुंची शिकायत
मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची। इसके बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। सीएमएचओ डॉ. जीएस जात्रा के मुताबिक, डॉ. धीरेन्द्र अग्रवाल से संबंधित शिकायत सीएम हेल्पलाइन के जरिए प्राप्त हुई है।
शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए टीम गठित की है। जांच टीम शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है।
गवाहों के बयान और रिकॉर्ड की भी जांच
जांच के दौरान मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। संबंधित लोगों और संभावित गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मेडिकल सर्टिफिकेट से संबंधित दस्तावेज, अस्पताल के रिकॉर्ड और शिकायत में उपलब्ध कराए गए अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
जांच टीम वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों के बीच तथ्यों का मिलान भी करेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए पैसे की मांग और लेन-देन हुआ था या नहीं।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मामला जांच के स्तर पर है। इसलिए डॉक्टर पर लगाए गए रिश्वत लेने के आरोपों को अभी अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में वास्तविक तथ्य भी सामने रखे जाएंगे।
फिलहाल पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही यह साफ होगा कि मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के लिए कथित तौर पर 500 रुपए लेने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।