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रायपुर। राजधानी रायपुर के तेजी से विकसित हो रहे कचना, जोरा, शंकर नगर और लाभांडी क्षेत्र में आने वाले समय में एक बड़ी नई टाउनशिप आकार लेने जा रही है। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने नगर विकास योजना तैयार करने के लिए करीब 192.45 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार इस प्रस्तावित योजना में 896 भू-स्वामी खातेदारों की जमीन शामिल है। इसके लिए RDA ने सार्वजनिक सूचना भी जारी की है।
राजपत्र में प्रकाशित विवरण के मुताबिक यह योजना छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 की उपधारा (2) के तहत प्रस्तावित की गई है। योजना के तहत अधिग्रहित भूमि को सुनियोजित तरीके से विकसित कर सड़क, बिजली, पानी, नाली, उद्यान और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
192.45 हेक्टेयर में विकसित होगी नई कॉलोनी
RDA की प्रस्तावित नगर विकास योजना में कचना, जोरा, शंकर नगर और लाभांडी से जुड़े इलाके शामिल हैं। अखबार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार प्रस्तावित क्षेत्रफल करीब 192.451 हेक्टेयर, यानी लगभग 475.6 एकड़ है। इसमें करीब 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन और लगभग 170 हेक्टेयर निजी जमीन शामिल बताई गई है।
राजपत्र में प्रकाशित भू-स्वामियों की सूची में अलग-अलग खसरों और खातेदारों का विवरण दर्ज है। इनमें निजी भूमि के साथ-साथ सरकारी भूमि और विभिन्न संस्थाओं/भूमि स्वामियों से संबंधित जमीन भी शामिल है।
विकसित भूखंडों की होगी बिक्री
इस योजना का मुख्य उद्देश्य केवल जमीन का अधिग्रहण करना नहीं, बल्कि पूरे इलाके को प्लानिंग के साथ विकसित कर नई कॉलोनी तैयार करना है। RDA सड़क, नाली, पानी, बिजली, उद्यान समेत मूलभूत सुविधाओं का विकास करेगा। इसके बाद विकसित भूखंडों को नियमानुसार विक्रय किए जाने की योजना है।
इससे कचना-जोर्रा-लाभांडी और आसपास के इलाकों में व्यवस्थित आवासीय एवं व्यावसायिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
45 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगा इलाका
प्रस्तावित योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में 45 मीटर चौड़ी सड़क शामिल है। अखबार में प्रकाशित RDA की योजना के अनुसार यह सड़क क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी। प्रस्तावित मार्ग के साथ वॉल्टेयर रेलवे लाइन का भी उल्लेख किया गया है, जिसकी लंबाई करीब 14.70 किलोमीटर बताई गई है।
नई सड़क व्यवस्था से कचना, जोरा, शंकर नगर, खम्हारडीह, तेलीबांधा और लाभांडी की ओर आने-जाने वाले लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।
एक्सप्रेस-वे-2 से भी मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
इस परियोजना के साथ एक्सप्रेस-वे-2 को भी जोड़ने की योजना है। अखबार में प्रकाशित जानकारी के अनुसार शंकर नगर से जोरा तक एक्सप्रेस-वे-2 को बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। एक्सप्रेस-वे के बनने से मोवा, पंडरी, शंकर नगर, खम्हारडीह, कचना और लाभांडी की ओर जाने वाले रास्तों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा एक्सप्रेस-वे-2 के जरिए मोवा से जोरा तक सीधी कनेक्टिविटी मिलने से एयरपोर्ट पहुंचना भी आसान होगा। वर्तमान में इन इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को कई प्रमुख चौराहों और सिग्नलों से होकर गुजरना पड़ता है।
सात सिग्नल से मिलेगी राहत, 15-20 मिनट तक बचने का दावा
RDA की योजना में बताया गया है कि मौजूदा मार्ग पर वाहन चालकों को लोधीपारा, मंडी गेट, शंकर नगर, खम्हारडीह, तेलीबांधा, वीआईपी रोड और लाभांडी क्षेत्र के सिग्नलों से गुजरना पड़ता है। इन स्थानों पर ट्रैफिक दबाव अधिक होने से यात्रा में अतिरिक्त समय लगता है।
प्रस्तावित कनेक्टिविटी विकसित होने के बाद करीब 7 सिग्नलों से राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक इससे सफर में लगभग 15 से 20 मिनट तक की बचत हो सकती है। खासतौर पर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दो महीने में डिजाइन, छह महीने में टेंडर का लक्ष्य
परियोजना को लेकर RDA ने आगे की प्रक्रिया का खाका भी तैयार किया है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार करीब दो महीने में एक्सप्रेस-वे की डिजाइन तैयार करने और लगभग छह महीने में टेंडर जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रस्तावित क्षेत्र में फिलहाल कई स्थानों पर पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हैं। RDA की योजना में सड़क के साथ सर्विस रोड, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने की बात कही गई है।
आसपास के इलाकों को भी मिलेगा फायदा
नई टाउनशिप और एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी का असर केवल प्रस्तावित कॉलोनी तक सीमित नहीं रहेगा। कचना, जोरा, लाभांडी, शंकर नगर, खम्हारडीह, पंडरी, मोवा और तेलीबांधा सहित आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
एक तरफ जहां नई कॉलोनी में व्यवस्थित तरीके से आवासीय एवं अन्य भूखंड विकसित किए जाएंगे, वहीं दूसरी ओर बेहतर सड़क नेटवर्क से मौजूदा आबादी को भी फायदा मिलेगा। RDA की यह योजना आने वाले वर्षों में रायपुर के इस हिस्से के शहरी विस्तार की दिशा बदल सकती है।
राजपत्र में अधिग्रहण के लिए शामिल भूमि और भू-स्वामियों/खसरों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। संबंधित खातेदार राजपत्र में जारी सूची के आधार पर अपने खसरे और भूमि विवरण की जांच कर सकते हैं।