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Vision 2047: New momentum for industrial development in Chhattisgarh; investment proposals worth ₹8.22 lakh crore expected to generate 1.72 lakh jobs.
रायपुर। छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार का फोकस केवल नए उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश आकर्षित करने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और प्रदेश के सभी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को विस्तार देने पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में लागू नई औद्योगिक नीतियों से निवेशकों का भरोसा मजबूत होने का दावा किया गया है।
राज्य सरकार के अनुसार, बीते ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। वहीं, राज्य को 264 औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।

इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं। कई इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है। सरकार का कहना है कि इससे औद्योगिक नीतियों के जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। 25 जून 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया।
तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां करीब 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसे राज्य में टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।
राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेशकों के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। नीति के तहत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तक, जबकि सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन देने की व्यवस्था बताई गई है।
इसके अलावा एमएसएमई और सेवा क्षेत्र को विशेष लाभ, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्रोत्साहित करने वाले प्रावधान किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रहा है। नवा रायपुर में डेटा सेंटर, आईटी और एआई से जुड़े निवेश के साथ-साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र में संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।

सरकार का लक्ष्य राज्य को आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य में 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे कदम उठाए गए हैं।
सरकार के मुताबिक, इन सुधारों का उद्देश्य निवेशकों को मंजूरी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कम समय लगे और नई परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सके।
औद्योगिक विकास को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। वहीं 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
सरोरा में प्लास्टिक पार्क तथा नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा और रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी परियोजनाओं के जरिए राज्य के औद्योगिक आधार को विस्तार देने की कोशिश की जा रही है।
वस्त्र एवं परिधान उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। करीब 81 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस पार्क में 2,758 वर्गमीटर से लेकर 38,180 वर्गमीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
यहां टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग के साथ तकनीकी वस्त्र तथा सहायक और पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के अनुसार, सरकार का प्रमुख उद्देश्य अधिक से अधिक रोजगार पैदा करना और निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीनी परियोजनाओं में बदलना है। इसके लिए निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप और एमएसएमई सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने की योजना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।

नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई है। इन निवेशों से विभिन्न क्षेत्रों में 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
टेक्सटाइल और गारमेंट के साथ डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ के बदलते औद्योगिक परिदृश्य को दर्शाते हैं।
छत्तीसगढ़ का औद्योगिक विकास अभियान अब निवेश और उत्पादन से आगे बढ़कर रोजगार, नवाचार, कौशल विकास और क्षेत्रीय संतुलन पर केंद्रित दिखाई दे रहा है। सरकार का दावा है कि नई नीतियों और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है।