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Voting enthusiasm reaches its peak in the new Nagar Panchayats, with over 90 percent voting in three areas.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद आयोजित नगर पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने लोकतंत्र के प्रति गहरा उत्साह दिखाया। हाल ही में गठित चार नई नगर पंचायतों में पहली बार अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ, जिसमें तीन नगर पंचायतों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। सबसे अधिक मतदान बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में 96.10 प्रतिशत रहा।
पहली बार नगर पंचायत बने क्षेत्रों में उमड़ा जनसैलाब
राज्य सरकार ने जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह, सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर, बालोद जिले की पलारी तथा राजनांदगांव जिले की घुमका ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा प्रदान किया था। इसके बाद इन क्षेत्रों में पहली बार नगरीय निकाय चुनाव कराए गए।
स्थानीय नागरिकों को सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य शहरी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। इसी कारण महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में मतदान किया।
नई नगर पंचायतों में मतदान प्रतिशत
नगर पंचायत जिला मतदान प्रतिशत मतदाताओं की संख्या
बम्हनीडीह जांजगीर-चांपा 92.57% 4,064
शिवनंदनपुर सूरजपुर 85.13% 3,952
पलारी बालोद 96.10% 3,620
घुमका राजनांदगांव 95.36% 3,209
सहसपुर लोहारा कबीरधाम 82.40% 4,237
सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव
कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव कराया गया। पूर्व अध्यक्ष संतोष मिश्रा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद यह पद रिक्त हुआ था।
यहां 82.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि यह पिछली बार के चुनाव की तुलना में कम रहा। फरवरी 2025 के चुनाव में 4,726 मतदाताओं ने मतदान किया था, जबकि इस बार 4,237 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनावों में सामान्यतः मतदान प्रतिशत आम चुनावों की तुलना में कम रहता है, फिर भी 82 प्रतिशत से अधिक मतदान लोकतांत्रिक सहभागिता का सकारात्मक संकेत है।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव?
इन चुनावों के माध्यम से पहली बार चार नवगठित नगर पंचायतों में जनप्रतिनिधियों का चयन किया गया। कुल 4 अध्यक्ष पदों और 60 पार्षद पदों के लिए मतदान हुआ।
नगर पंचायत बनने के बाद इन क्षेत्रों को शहरी विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना निर्माण और विशेष वित्तीय सहायता का लाभ मिलने की संभावना है। नागरिकों को उम्मीद है कि इससे विकास कार्यों की गति तेज होगी।
पंचायत उपचुनाव में भी अच्छा मतदान
नगर पंचायत चुनावों के साथ-साथ त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के अंतर्गत जनपद सदस्य के 10, सरपंच के 34 और पंच के 107 पदों के लिए भी उपचुनाव आयोजित किए गए।
इन चुनावों के लिए 274 मतदान केंद्र बनाए गए थे। कुल 1,02,797 मतदाताओं में से 79,968 मतदाताओं ने मतपत्र के माध्यम से मतदान किया। पंचायत उपचुनाव में 78.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
4 जून को होगी मतगणना
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। सभी नगर पंचायत और पंचायत उपचुनावों की मतगणना 4 जून को प्रदेश के 13 मतगणना केंद्रों पर की जाएगी।
विकास की उम्मीद ने बढ़ाया मतदान
नई नगर पंचायतों में 85 से 96 प्रतिशत तक मतदान यह दर्शाता है कि नागरिक अपने क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर और सजग हैं। नगरीय निकाय का दर्जा मिलने के बाद लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, अधिक बजट और नई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की उम्मीद है। यही विश्वास इस बार रिकॉर्ड मतदान के रूप में दिखाई दिया।