

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

दुर्ग। जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में इस समय करीब 58 से 60 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बताया जा रहा है। बढ़ते जलस्तर और नदी किनारे बने एनीकटों के ऊपर कई फीट पानी बहने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कई अहम कदम उठाए हैं। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर शिवनाथ नदी में प्रतिमा विसर्जन पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने दुर्ग शहर के गणेश प्रतिमा विसर्जन स्थल के साथ ही वार्ड क्रमांक 55 और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वार्ड 55 में प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक राहत कैंप की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

शिवनाथ नदी में 60 हजार क्यूसेक तक पानी
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से जिले में भारी बारिश हो रही है। इसके कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। वर्तमान में नदी में करीब 58 से 60 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पानी का बहाव बढ़ने से अधिकांश एनीकटों के ऊपर करीब 10 से 12 फीट और कहीं-कहीं 13 फीट तक पानी बह रहा है। ऐसी स्थिति में नदी और उसके आसपास जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
रात 2 बजे बंद कराया गया गणेश विसर्जन
कलेक्टर ने बताया कि गणेश प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन नदी में पानी बढ़ने के कारण सुरक्षा को देखते हुए रात करीब 2 बजे विसर्जन की प्रक्रिया बंद करा दी गई। इसके बाद से शिवनाथ नदी में प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया रोक दी गई है।
जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव समितियों और नागरिकों से अपील की है कि जब तक शिवनाथ नदी की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक नदी में प्रतिमा विसर्जन न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
नदी किनारे रहने वाले 13 परिवारों को सुरक्षित निकाला
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि नदी के किनारे कुछ परिवार रह रहे थे। वहां करीब 13 मकानों में रहने वाले लोगों को रात और सुबह के समय सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन परिवारों को सामुदायिक भवन में लाकर शरण दी गई है।
इसके अलावा जिले के अलग-अलग हिस्सों में जलभराव वाले क्षेत्रों में भी एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कलेक्टर के मुताबिक अब तक 200 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अभी तक किसी भी स्थान से जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा- तीन दिनों से 100 एमएम से ज्यादा बारिश
दुर्ग में बाढ़ और जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि सामान्य तौर पर दुर्ग में औसत बारिश करीब 30 से 40 एमएम के आसपास होती है, लेकिन पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन 100 एमएम से ज्यादा बारिश हो रही है। उन्होंने इसे अतिवृष्टि जैसी स्थिति बताया।
उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में शिवनाथ नदी में करीब 10 हजार क्यूसेक पानी बहता है, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा करीब 60 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। इतनी बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है।

मंत्री ने बताया कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलगांव के 13 परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इसके अलावा समुद्र नाला क्षेत्र में ईंट भट्ठे में काम करने वाले परिवारों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के संज्ञान में जहां-जहां लोगों के फंसे होने या खतरे में होने की जानकारी आ रही है, वहां तत्काल रेस्क्यू की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी बोले- रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के कई इलाकों में पानी बस्तियों के अंदर तक पहुंच गया था। थाना कुम्हारी क्षेत्र के ग्राम परसदा और अमलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम खुड़मुड़ा के पास भी पानी भरने के कारण लोग प्रभावित हुए।
उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में रात से ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर प्रभावित लोगों के लिए राहत की व्यवस्था भी की गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है।
एसएसपी के मुताबिक एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें पूरी रात राहत और बचाव कार्य में जुटी रहीं। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 150 लोगों को पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि बचाव अभियान लगातार जारी है।
नाले में बह गया था बाइक सवार, 112 टीम ने बचाया
एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ और जलभराव के बीच कई तरह की घटनाएं भी सामने आई हैं। उतई क्षेत्र में कोकड़ी नाला के पास एक मोटरसाइकिल सवार पानी के तेज बहाव में बह गया था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद 112 की टीम और पीएसआई ने मिलकर बाइक सवार का रेस्क्यू किया और उसकी जान बचाई।
पुलिस की लोगों से अपील- ओवरफ्लो नालों को पार न करें
एसएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि बाढ़ और जलभराव के दौरान प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। जिन नालों में पानी ओवरफ्लो हो रहा है, उन्हें किसी भी स्थिति में पार करने की कोशिश न करें।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं। ऐसे में आम जनता राहत और बचाव कार्य में सहयोग करे और मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करे।
प्रशासन की अपील- स्थिति सामान्य होने तक नदी में विसर्जन न करें
जिला प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रशासन ने गणेशोत्सव समितियों से अपील की है कि शिवनाथ नदी में जलस्तर और बहाव की स्थिति सामान्य होने तक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन स्थगित रखें।
प्रशासन की टीमें नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू करने की कार्रवाई जारी है।