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WhatsApp introduces parental controls for children aged 13 to 17; parents will be able to monitor everything from groups to Meta AI.
नई दिल्ली। WhatsApp ने 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों के लिए पैरेंटल कंट्रोल फीचर शुरू किया है। इसके जरिए माता-पिता बच्चों की प्राइवेसी, ग्रुप, चैनल, स्टेटस और Meta AI से जुड़ी सेटिंग तय कर सकेंगे। बच्चे द्वारा नया कॉन्टैक्ट जोड़ने पर भी माता-पिता को इसकी सूचना मिलेगी।
WhatsApp के इन नियंत्रणों को लागू करना वैकल्पिक होगा। अगर बच्चा किसी प्रतिबंध को हटाना या सेटिंग को कम करना चाहता है, तो इसके लिए माता-पिता के PIN से मंजूरी जरूरी होगी। हालांकि, निजी चैट और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगी। इसका मतलब है कि माता-पिता भी बच्चों की निजी चैट पढ़ या कॉल सुन नहीं सकेंगे।
1. प्रोफाइल फोटो पर नियंत्रण
माता-पिता तय कर सकेंगे कि बच्चे की प्रोफाइल फोटो कौन देख सकता है। सेटिंग को कम प्रतिबंधित करने के लिए पैरेंटल PIN की जरूरत होगी।
2. ग्रुप में जोड़ने की जानकारी
माता-पिता तय कर सकेंगे कि बच्चे को कौन WhatsApp ग्रुप में जोड़ सकता है। बच्चे के ग्रुप में शामिल होने या उससे बाहर निकलने पर अलर्ट मिलेगा। ग्रुप में सदस्यों की संख्या 30, 100 या 250 होने पर भी सूचना दी जाएगी।
3. चैनल देखने की अनुमति
माता-पिता तय कर सकेंगे कि बच्चा सभी चैनल देख सकता है, केवल मंजूर किए गए चैनल देख सकता है या किसी भी चैनल को नहीं देख सकता।
4. स्टेटस की विजिबिलिटी
बच्चा किन लोगों का स्टेटस देख सकेगा और उसके स्टेटस को कौन देख सकेगा, यह भी माता-पिता निर्धारित कर सकेंगे।
5. Meta AI पर अतिरिक्त नियंत्रण
Meta AI के लिए माता-पिता सामान्य 13+ सेटिंग या अधिक प्रतिबंधित ‘Limited Content’ सेटिंग का विकल्प चुन सकेंगे।
डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के सर्वे के मुताबिक, भारत में 86% किशोरों के अपने WhatsApp अकाउंट पाए गए। इनमें 43% किशोर अपने फोन पर, जबकि 57% दूसरे व्यक्ति के डिवाइस पर WhatsApp का इस्तेमाल करते थे। નવા पैरेंटल कंट्रोल का उद्देश्य किशोरों के WhatsApp इस्तेमाल में माता-पिता को अतिरिक्त नियंत्रण देना है।