

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Why should we not buy iron during Pitru Paksha?
Things should be get in mind before buying: पितृपक्ष के समय हम अपने पितरों का ध्यान करतें हैं लेकिन यह रीति रिवाज़ का पालन करने तक ही सीमित नहीं है ,बल्कि ये पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने का होता है। ऐसे में छोटी-मोती गलती भी लम्बे समय के लिए पछतावा बन सकती है।लोहे का सामान न खरीदना इनकी मान्यताओं का एक अहम् अंग है। इस वजह से हमें पितृपक्ष के दौरान सादगी और दान-पुण्य का आचरण रखना चाहिए, यही पूर्वजों के लिए एकमात्र दान और श्रद्धांजलि का रास्ता है। इन्ही वजहों से परिवार में सदैव पितरों का आशीर्वाद बना रहता है।
सनातन धर्म में पितृपक्ष का महत्व और शुभ-अशुभ संकेत
सनातन धर्म में यह समय बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। पितृपक्ष के इन सोलह दिनों में हमे अपने पितरों को याद करने का अवसर होता है और उनके लिए दान पुण्य करने का होता है। ऐसी मान्यता है की इन दिनों हमारे पूर्वज हमारे आस पास ही होते है। माना जाता है की इन दिनों हमें कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है,ऐसा न करने पर हमे उनका प्रकोप देखने मिल सकता है,जैसे लोहे का सामान खरीदने से बचना। ज्योतिष के अनुसार, लोहा शनि ग्रह से जुड़ा है,और पितृपक्ष में इसे घर लाना अशुभ संकेत मन जाता है कि इस समय लोहे का सामान खरीदने से घर की सुख-शांति और समृद्धि चली जाती है।