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adult website Pornhub owners fined ₹18 crore for earning money from sex trafficking
अमेरिका। पोर्नहब की मदर कंपनी आइलो (Aylo) पर सेक्स ट्रैफिकिंग के जरिये मोटा मुनाफा कमाने का आरोप लग रहा है। इस मामले में उसके खिलाफ केस चल रहा है जिसे सुलझाने के लिए कंपनी अमेरिकी सरकार को 1.8 मिलियन डॉलर यानी 15 करोड़ रुपए का भुगतान करने पर सहमत हो गई है। इसके अलावा, कंपनी यौन तस्करी की शिकार पीड़िताओं को क्षतिपूर्ति भी देगी जिनके वीडियो उनकी सहमति के बिना पोस्ट किए गए थे। साथ ही कंपनी को करीब तीन साल निगरानी में रहना होगा और फिर उसके खिलाफ चल रहा ये मामला वापस लिया जाएगा।

आइलो पर आरोप है कि पॉर्नहब के मालिकों ने एक ऐसी प्रोडक्शन कंपनी से पैसे लिए, जो उसके शूट किए गए वीडियो को सेक्स ट्रैफिकिंग का हथियार बना रहा था। गर्ल्स डू पोर्न (जीडीपी) नाम की प्रोडक्शन कंपनी ने उन महिलाओं के भी वीडियो बनाए थे, जिन्हें सेक्स ऐक्ट के लिए मजबूर किया गया था। आइलो ने इन आरोपों को स्वीकार कर लिया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि आयलो ने उन रिपोर्टों पर आँखें मूंद लीं, जिनमें कहा गया था कि साइट पर दिखाई देने वाले वीडियो में महिलाओं को धोखा देकर और जबरदस्ती कर वीडियो बनाए गए थे। यह आरोप पॉर्नहब पर पॉर्न वीडियो की होस्टिंग करने और प्रोडक्शन कंपनी से पैसे लेने से जुड़ा है। आयलो ने कहा कि उसे इस सामग्री को होस्ट करने का ‘गहरा अफसोस’ है।
सीएनएन ने बताया कि प्रोडक्शन कंपनी ने साल 2017 से साल 2019 तक खुद के द्वारा शूट किए गए पॉर्न वीडियो को स्ट्रीम करने के लिए वेबसाइट को भुगतान किया, जिसके बारे में आयलो को पता था कि इसमें उन महिलाओं के वीडियो भी शामिल थे, जिन्होंने इसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर होस्ट करने की अपनी सहमति नहीं दी थी।
इस मामले में आयलो से शिकायत की गई तो कंपनी ने वीडियो हटाना शुरू कर दिया। हालांकि, ये वीडियो फिर से पॉर्नहब पर पोस्ट कर दिए गए और पूरी दुनिया में देखे गए। अब आयलो ने कहा कि ऐसा कभी न हो, इसके लिए वो जरूरी सावधानियां बरतेगी।
बता दें कि, आयलो कंपनी को निजी इक्विटी फर्म एथिकल कैपिटल पार्टनर्स चलाते हैं, जिन्होंने पॉर्नहब की मूल कंपनी माइंडगीक को ही खरीद लिया था। इस कंपनी के खिलाफ कुछ साल पहले 40 पीड़िताओं ने आरोप लगाया था कि पॉर्नहब की पैरेंट कंपनी माइंडगीक को 2009 से ही ‘गर्ल्स डू पॉर्न’ की गैरकानूनी कामों की जानकारी थी। साल 2016 आते-आते कई पीड़िताओं ने आगे आकर गलत तरीकों से सहमति हासिल करने या धोखे से अश्लील वीडियो शूट करने के आरोप लगाए थे।