

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

asim munir assassination plot mossad claim pakistan israel tensions
इस्लामाबाद/जिनेवा। ब्राजील के खोजी पत्रकार और जियो-स्ट्रैटेजिक विश्लेषक पेपे एस्कोबार के एक सनसनीखेज दावे ने पाकिस्तान, इजरायल और मध्य-पूर्व की राजनीति में हलचल मचा दी है। एस्कोबार ने दावा किया है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके प्रतिनिधिमंडल की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि इस दावे की न तो कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने आया है।
जिनेवा वार्ता के दौरान कथित साजिश
पेपे एस्कोबार ने यह दावा राजनीतिक टिप्पणीकार मारियो नवाफल के पॉडकास्ट में किया। उनके अनुसार पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसियों को "बेहद भरोसेमंद सूचना" मिली थी कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के दौरान मोसाद, आसिम मुनीर और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था। दोनों देशों के बीच प्रारंभिक समझौते को "इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU)" नाम दिया गया था, जिस पर आगे की बातचीत जिनेवा में हुई। इस वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
नेतन्याहू के आदेश का लगाया आरोप
पॉडकास्ट के दौरान एस्कोबार ने दावा किया कि पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देश पर मोसाद इस कथित ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था।
एस्कोबार के मुताबिक, पाकिस्तान ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से इजरायल को कड़ा संदेश भेजा था। उन्होंने दावा किया कि ओमान के जरिए इजरायल तक यह संदेश पहुंचाया गया कि यदि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को नुकसान पहुंचाया गया तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।
पाकिस्तान-इजरायल रिश्तों में पहले से तनाव
पाकिस्तान और इजरायल के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। पाकिस्तान आज भी इजरायल को औपचारिक मान्यता नहीं देता है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को "मानवता के लिए अभिशाप" बताते हुए लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया था।
दूसरी ओर इजरायली अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सवाल उठाया था कि क्या पाकिस्तान वास्तव में एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
पाकिस्तानी पत्रकारों ने बताया ‘बेबुनियाद’
एस्कोबार के दावों को पाकिस्तान के कई वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषकों ने सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म 'द करंट' के अनुसार वरिष्ठ पत्रकार सैयद तलत हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पूरे दावे को "पूरी तरह बकवास" और "तथ्यों से रहित" बताया।
हुसैन ने कहा कि ऐसा कोई घटनाक्रम कभी हुआ ही नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने इस आरोप को "घिनौना प्रोपेगैंडा" बताया है।
कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं
अब तक न तो पाकिस्तान सरकार, न पाकिस्तानी सेना और न ही इजरायल की ओर से इस कथित हत्या की साजिश को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना किसी स्वतंत्र पुष्टि और ठोस सबूत के इस दावे को सत्य नहीं माना जा सकता।
फिलहाल यह मामला केवल एक दावे और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं तक सीमित है। हालांकि इसने पाकिस्तान, इजरायल और ईरान से जुड़े कूटनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है