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अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20 क्विंटल गांजा से भरे 16 चक्का ट्रक को जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह के सरगना समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित ओडिशा से गांजा लोड कर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे।
62 पैकेट में मिला 1,941 किलो गांजा
पुलिस के मुताबिक, जब्त ट्रक क्रमांक आरजे-14-जीयू-9078 से कुल 1,941 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। गांजा 62 पैकेटों में भरा हुआ था और प्रत्येक पैकेट में करीब 30 किलो गांजा रखा गया था।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के जरोधापाड़ा, बड़गांव निवासी लोकेश शर्मा (46) और मुजफ्फरनगर के बड़ीकला, थाना छापर निवासी आमिस अंसारी (23) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पहले भी सामने आ चुका था लोकेश शर्मा का नाम
पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को बसंतपुर थाना क्षेत्र में लगभग 12 क्विंटल गांजा जब्त किया गया था। उस मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए थे और जांच में अंतरराज्यीय तस्कर लोकेश शर्मा का नाम सामने आया था। उस समय जब्त किया गया ट्रक भी लोकेश शर्मा के नाम पर पंजीकृत था।
इसके बाद से पुलिस उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी। साइबर सेल की मदद से उसके मोबाइल नंबर की निगरानी की जा रही थी।
लाइव लोकेशन से मिली सफलता
गुरुवार रात बसंतपुर थाना प्रभारी जितेंद्र सोनी को सूचना मिली कि लोकेश शर्मा बनारस मार्ग से बसंतपुर की ओर बढ़ रहा है। पुलिस को गांजा तस्करी की आशंका हुई, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सीमा पर बसंतपुर थाने के सामने वाहन चेकिंग प्वाइंट लगाया गया।
कुछ देर बाद संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा। पूछताछ में चालक ने अपना नाम लोकेश शर्मा और उसके सहयोगी ने आमिस अंसारी बताया। नाम सामने आते ही पुलिस ने ट्रक को थाना परिसर में खड़ा कर उसकी जांच शुरू की।
चूना पत्थर के बोरों में छिपा रखा था गांजा
आरोपितों ने तस्करी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। ट्रक में घरों की पोताई में इस्तेमाल होने वाले चूना पत्थर के बोरे लादे गए थे। सबसे नीचे चूना पत्थर के बोरे रखे गए थे, उनके ऊपर गांजे के पैकेट छिपाए गए और फिर ऊपर से दोबारा चूना पत्थर के बोरे भर दिए गए थे।
ट्रक का डाला खोलने पर केवल चूना पत्थर का माल दिखाई दे रहा था। लेकिन पुलिस को पहले से मिले इनपुट के कारण जब बोरों को हटाया गया तो भीतर से गांजे के पैकेट निकलने लगे। गांजे की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसका वजन करने के लिए बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट मंगाने पड़े।
ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए यूपी तक फैला है सिंडिकेट
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि लोकेश शर्मा ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश तक गांजा तस्करी का बड़ा नेटवर्क संचालित करता था। उसके तार ओडिशा के गांजा उत्पादकों और बड़े तस्करों से जुड़े हुए हैं।
दिसंबर 2025 में भी इसी गिरोह ने ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र से 12 क्विंटल गांजा लोड किया था, जिसे बसंतपुर पुलिस ने पकड़ लिया था। इस बार गांजा ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से लोड किया गया था।
जशपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ में हुई एंट्री
दोनों आरोपित ट्रक में गांजा लेकर जशपुर जिले के लवाकेरा के रास्ते छत्तीसगढ़ में दाखिल हुए थे। इसके बाद ट्रक जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिलों की सीमाएं पार करते हुए बलरामपुर जिले तक पहुंच गया, जहां बसंतपुर पुलिस ने उसे धर दबोचा।
कई थाना क्षेत्रों से गुजर गया ट्रक, कहीं नहीं हुई जांच
जांच में यह भी सामने आया कि गांजा से भरा ट्रक जशपुर जिले के तपकरा, कुनकुरी, नारायणपुर और बगीचा, सरगुजा जिले के बतौली, लुंड्रा, अंबिकापुर और गांधीनगर, तथा सूरजपुर जिले के लटोरी, भटगांव, प्रतापपुर, चंदौरा और वाड्रफनगर थाना क्षेत्रों से होकर गुजरा, लेकिन कहीं भी उसकी जांच नहीं की गई।
यदि बसंतपुर पुलिस को पहले से अंतरराज्यीय तस्कर के संबंध में इनपुट नहीं मिलता, तो ट्रक आसानी से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाता।
एसपी वैभव बैंकर ने कहा कि मामले की विवेचना जारी है और इस अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। यह बलरामपुर जिले में अब तक की सबसे बड़ी गांजा जब्ती कार्रवाई मानी जा रही है।