

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

bharatmala project mahasamund vimal chopra durgesh verma allegations
महासमुंद। भारतमाला परियोजना और जमीन संबंधी मामलों को लेकर महासमुंद में एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने आरोप लगाया है कि विवादों में घिरे कुछ लोग रायपुर मंत्रालय से फोन करवाकर स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में दुर्गेश वर्मा की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं।
डॉ. चोपड़ा ने मेल के माध्यम से जारी विज्ञप्ति में कहा कि दुर्गेश वर्मा, जो पूर्व में महासमुंद में एडीएम और डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ रह चुके हैं, वर्तमान में जमीन से जुड़े विवादित और संवेदनशील मामलों में गलत तरीके से संलिप्त लोगों की मदद कर रहे हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय अधिकारियों पर लगातार दबाव बनाकर कुछ लोगों के पक्ष में फैसले करवाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि दुर्गेश वर्मा का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। इसी कारण उन्हें राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के यहां से हटाया गया था। डॉ. चोपड़ा के अनुसार, अब वे बिना संबंधित मंत्री की जानकारी के सीधे राजस्व विभाग में हस्तक्षेप कर जमीन मामलों में बड़ी हेराफेरी करने वालों को फायदा पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र और पद का दुरुपयोग कर भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने महासमुंद कलेक्टर से फोन पर शिकायत कर मामले की गंभीरता और संभावित राजस्व नुकसान की जानकारी भी दी है।
डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा कि राजस्व विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति को समाप्त करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और मुख्य सचिव को विस्तृत लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में दुर्गेश वर्मा के खिलाफ सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके अलावा मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शिकायत की एक प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) नई दिल्ली को भी भेजे जाने की बात कही गई है, ताकि पूरे मामले पर केंद्रीय स्तर से भी निगरानी रखी जा सके और स्थानीय प्रशासन बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई कर सके।