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भिलाई। दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र स्थित कैंप-2 निवासी निशांत कुमार गुप्ता (29) बताया गया है, जो लंबे समय से विभिन्न राज्यों में ठिकाने बदल-बदलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह प्रतिमाह लगभग 1.50 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन कर रहा था।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि निशांत कुमार गुप्ता अपने निवास और अन्य राज्यों में छिपे नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग का अवैध कारोबार चला रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच में ऑनलाइन सट्टा संचालन के पुख्ता सबूत मिले।
पूछताछ के दौरान निशांत ने स्वीकार किया कि वह ‘क्रिकेट बज़ बेटिंग’ और ‘रुबीबेट’ जैसे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित करता था। उसने पुलिस को बताया कि कार्रवाई से बचने के लिए उसने महाराष्ट्र के नागपुर में किराए का मकान लेकर वहां अपने सहयोगियों के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन की व्यवस्था कर रखी थी।
नागपुर में छापा, 8 आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार
निशांत की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित किराए के मकान में दबिश दी। वहां ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए आठ युवकों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे के लिए डिपॉजिट और विड्रॉल की प्रक्रिया, बैंक खातों का संचालन, आईडी प्रबंधन तथा तकनीकी कार्यों को संभालते थे। इसके बदले उन्हें हर महीने 20 हजार से 25 हजार रुपये वेतन के साथ अन्य सुविधाएं दी जाती थीं।
प्रतिदिन 5 लाख तक का कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन लेन-देन करता था, जो महीने में करीब 1.50 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता था। गिरोह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था और अलग-अलग राज्यों में रहकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देता था, जिससे पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके।
बैंक खाते और सिम कार्ड का अवैध उपयोग
विवेचना के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले। जांच में पता चला कि इन बैंक खातों और सिम कार्डों को वास्तविक खाताधारकों से धोखाधड़ी, छल अथवा अन्य अवैध तरीकों से हासिल किया गया था। इनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से प्राप्त रकम को जमा करने, ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए किया जाता था।
23 लाख के जेवरात समेत बड़ी जब्ती
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सामग्री जब्त की है। जब्त सामान में—
3 लैपटॉप
2 आईपैड
85 एटीएम कार्ड
18 बैंक पासबुक
45 सिम कार्ड
1 लाख 54 हजार रुपये नकद
लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण
शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार निशांत कुमार गुप्ता ने ऑनलाइन सट्टे से अर्जित धन से सोने और डायमंड के आभूषण खरीदे थे, जिन्हें लगभग 10 महीने पहले भिलाई के पावर हाउस स्थित महावीर ज्वेलर्स में गिरवी रखा गया था। पुलिस ने वहां से भी करीब 15 तोला सोना और डायमंड मिश्रित आभूषण जब्त किए हैं।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
मामले में जुआ अधिनियम और टेलीकॉम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने निशांत कुमार गुप्ता के अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार के आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अखिलेश यादव, पंकज यादव, आशीष जायसवाल, विशाल पटेल, शिवम चौहान, जयहिंद यादव, वेचन मुखिया और भागीरथ शामिल हैं।
पुलिस कर रही नेटवर्क की गहन जांच
पुलिस का कहना है कि यह केवल एक सट्टा नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जब्त डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और मोबाइल डेटा की जांच की जा रही है। आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और बड़े ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।