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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में हथियारों के बल पर लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के बीच लूटे गए गहनों और पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में विवाद हो गया था, जिसके बाद थाने तक बात पहुंचने से इस पूरी वारदात की पोल खुल गई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक अवैध पिस्टल, लूटे गए सोने के जेवरात, एक कार, एक बाइक और 6 मोबाइल फोन सहित शत-प्रतिशत मशरूका (लूट का माल) बरामद कर लिया है।
दो बड़ी वारदातों को दिया था अंजाम
एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह ने कुछ ही दिनों के अंतराल में दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था:
पहली वारदात (8 जुलाई): बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपए का कलेक्शन लेकर लौट रहे एक रेलवे कर्मचारी को सलका डैम मोड़ के पास धक्का देकर बदमाशों ने उसका पैसों से भरा बैग लूट लिया था।
दूसरी वारदात (18 जुलाई): आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर पर धावा बोला। वहां उन्होंने घर में घुसकर मारपीट की और हथियार का भय दिखाकर करीब 50 हजार रुपए के सोने के जेवर लूट लिए।
आपसी मारपीट से खुला राज
पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही थी और संदेहियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसी बीच, लूट के लगभग डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर को कोटा पेट्रोल पंप के पास लुटेरों के बीच पैसों और गहनों के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया और वे आपस में भिड़ गए। इस मारपीट के बाद गिरोह का एक युवक सीधे थाने पहुंच गया और दूसरे पक्षों के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज करा दी।
पुलिस ने जब इस शिकायतकर्ता से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने लूट की पूरी कहानी बयां कर दी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को विशेष अभियान चलाकर सभी आरोपियों को दबोच लिया।
मास्टरमाइंड ने रची थी साजिश, एमपी से मंगाई थी पिस्टल
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य सूत्रधार मंझगांव निवासी राकेश जायसवाल था। उसने अपने साथी दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर इन वारदातों की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी सनी सिंह उन्हें मध्य प्रदेश के रीवा ले गया था, जहां उसने अपने भाई के जरिए इन्हें अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
राकेश जायसवाल (35) - निवासी मंझगांव, कोटा (मास्टरमाइंड)
दिव्यांशु जायसवाल (24) - निवासी बिल्लीबंद, कोटा
आदर्श तिवारी (26) - निवासी मौहारखार, कोटा
हर्ष नामदेव (25) - निवासी कोटा
हर्ष सोनी (24) - निवासी फिरंगीपारा, कोटा (सर्राफा कारोबारी, जिसने चोरी का सोना खरीदा)
सनी सिंह (35) - निवासी मस्जिदपारा, कोटा (अवैध हथियार सप्लायर)
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस सराहनीय कार्रवाई पर एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है।