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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने फोर्टिफाई (FRK) चावल पर अस्थायी रोक लगा दी है। केंद्रीय खाद्य विभाग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और खाद्य सचिवों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि अब FRK प्रोसेस के लिए किसी भी मिलर का पंजीकरण न किया जाए। इसके अलावा, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य सरकारी योजनाओं में भी इस चावल की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है।
यह निर्णय उस समय की बैठक और सुझावों का परिणाम है, जब सांसद ब्रिजमोहन अग्रवाल के साथ केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात में Federation of All India Rice Mill Association ने FRK मिक्सिंग के कारण मिलर्स को हो रही व्यावहारिक परेशानियों को विस्तार से बताया था। मिलर्स ने यह भी बताया कि नए FRK की खरीदी की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार के पास पहले से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि पुराने स्टॉक में फोर्टिफिकेंट की अवधि समाप्त हो जाती है, तो नए स्टॉक की खरीदी से सरकारी धन की अनावश्यक बर्बादी होगी। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने उस समय संकेत दिया था कि सरकार इस विषय को गंभीरता से देख रही है और आने वाले समय में बड़ा निर्णय लिया जाएगा। आज का निर्णय इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय एसोसिएशन के सतत प्रयास और संघर्ष के परिणामस्वरूप, मिलर्स को इस निर्णय से बड़ी राहत मिली है। इस निर्णय के लिए पूरे देश के मिलर्स ने केंद्र सरकार का धन्यवाद किया है।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष तरसेम सैनी, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश अग्रवाल और चेयरमैन जी.बी. राव सहित पूरे देश के अन्य प्रदेशों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
राइस मिलर्स ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अपने हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पुराने निर्णयों के कारण पूरे देश के मिलर्स कई महीनों से परेशान थे, और अब उन्हें राहत मिली है।