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Chhattisgarh: A positive scene in the Assembly; 120 surrendered Naxalites, who returned to the mainstream, visited the House and met the Chief Minister.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन गुरुवार को एक सकारात्मक और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई। सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे 120 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा का भ्रमण किया और दर्शक दीर्घा से सदन की कार्यवाही देखी। इनमें 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल थीं। अब तक राज्य में 2500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने किया स्वागत
विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और डीजीपी अरुण देव गौतम सहित अन्य मंत्रियों ने पुनर्वासित नक्सलियों से मुलाकात कर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पुनर्वासित युवा समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से पुनर्वास नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर आज संविधान के मंदिर में खड़े होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनना इस बात का प्रमाण है कि बदलाव संभव है। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को शिक्षा, स्वरोजगार और शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
“घर वापसी” की संज्ञा
गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे “घर वापसी” बताते हुए कहा कि जो लोग संविधान और लोकतंत्र में भरोसा जता रहे हैं, उनके पुनर्वास और विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में उनके बेहतर भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक किरण देव तथा सुशांत शुक्ला ने भी पुनर्वासित युवाओं से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि शासन उनके साथ दृढ़ता से खड़ा है।
नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य, जिसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित किया गया है, उसे हासिल करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। पुनर्वासित लोगों के पुनर्स्थापन और विकास के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं।