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cbi director praveen sood tenure extended till may
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशक Praveen Sood का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय चयन समिति की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया। अब प्रवीण सूद मई 2027 तक CBI डायरेक्टर के पद पर बने रहेंगे।
प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को दो साल के कार्यकाल के लिए CBI निदेशक का पदभार संभाला था। इसके बाद मई 2025 में उन्हें पहली बार एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था और अब दूसरी बार उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मंगलवार को हुई चयन समिति की बैठक में इस पर फैसला लिया गया।

इस उच्च स्तरीय समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi भी शामिल थे। समिति की सिफारिशों के आधार पर नियुक्तियों की मंत्रिमंडलीय समिति (ACC) ने एक साल के विस्तार को मंजूरी दी।
बैठक के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “रबर स्टैंप” नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रमुख जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए कर रही है। राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया पर असहमति भी जताई।
कौन हैं प्रवीण सूद?
प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। CBI निदेशक बनने से पहले वह Karnataka के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत थे। उनका जन्म Kangra में हुआ था और उन्होंने महज 22 साल की उम्र में IPS सेवा ज्वाइन की थी।
उन्होंने Indian Institute of Technology Delhi से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके अलावा Indian Institute of Management Bangalore और Syracuse University के मैक्सवेल स्कूल ऑफ गवर्नेंस से भी उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
कई बड़े मामलों की जांच की निगरानी
तकनीक-प्रेमी अधिकारी माने जाने वाले प्रवीण सूद ने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की निगरानी की है। उन्होंने कर्नाटक पुलिस में रहते हुए न्यायपालिका के साथ मिलकर CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) और ICJS (Interoperable Criminal Justice System) जैसे तकनीकी सिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।