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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में यह फैसला लिया गया। सबसे ज्यादा चर्चा धान के MSP में 72 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को लेकर हो रही है। अब सामान्य धान का MSP 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का MSP 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
सरकार के इस फैसले को किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि सरकार ने इस बार तिलहन, दलहन और मोटे अनाजों पर विशेष फोकस किया है, ताकि देश खाद्य तेल और दालों के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।
इन फसलों के MSP में हुई बढ़ोतरी
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न खरीफ फसलों के MSP में इस प्रकार वृद्धि की गई है—
धान – 72 रुपये बढ़कर 2441 रुपये प्रति क्विंटल
ज्वार – 324 रुपये बढ़कर 4023 रुपये
बाजरा – 125 रुपये बढ़कर 2900 रुपये
रागी – 319 रुपये बढ़कर 5205 रुपये
मक्का – 10 रुपये बढ़कर 2410 रुपये
अरहर/तुअर दाल – 450 रुपये बढ़कर 8450 रुपये
मूंग – 12 रुपये बढ़कर 8780 रुपये
उड़द – 400 रुपये बढ़कर 8200 रुपये
मूंगफली – 254 रुपये बढ़कर 7517 रुपये
सूरजमुखी – 622 रुपये बढ़कर 8343 रुपये
सोयाबीन – 380 रुपये बढ़कर 5708 रुपये
तिल – 500 रुपये बढ़कर 10334 रुपये
नाइजरसीड – 515 रुपये बढ़कर 10052 रुपये
कपास – 557 रुपये बढ़कर 8267 रुपये प्रति क्विंटल
तिलहन और दलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अब खेती के पैटर्न में बदलाव लाने पर जोर रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी खाद्य तेलों की खपत कम करने और देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने की अपील कर चुके हैं। इसी रणनीति के तहत सूरजमुखी, तिल, सोयाबीन और नाइजरसीड जैसी फसलों के MSP में बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि MSP बढ़ने से किसान धान के साथ-साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर भी आकर्षित होंगे। इससे आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के किसानों पर क्या होगा असर
छत्तीसगढ़ में किसानों से वर्तमान में लगभग 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। इसमें केंद्र सरकार का MSP और राज्य सरकार की अंतर राशि शामिल होती है। अब केंद्र सरकार ने MSP में 72 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद राज्य सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कुछ कम हो सकता है।
जानकारों के मुताबिक, पहले सामान्य धान का MSP 2369 रुपये और ग्रेड-ए धान का MSP 2389 रुपये था। अब बढ़ोतरी के बाद यह क्रमशः 2441 और 2461 रुपये हो गया है। यदि राज्य सरकार किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल देने की नीति जारी रखती है, तो उसे पहले की तुलना में कम अंतर राशि देनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि MSP में वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों के हितों की रक्षा करेगा और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देगा।
किसानों को क्या मिलेगा फायदा
MSP बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। इससे खेती की लागत निकालने में राहत मिलेगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही सरकार का यह कदम खरीफ सीजन की बुवाई से पहले आने के कारण किसानों को फसल चयन में भी मदद करेगा।