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रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों और दावों का खंडन किया है, जिनमें कम संख्या में अभ्यर्थियों के चयन और कुछ प्रश्न-पत्रों के पुनर्मूल्यांकन की मांग की बात कही जा रही थी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ही पूरी की गई है।
आयोग के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा-2025 के विज्ञापन की कंडिका 3(iv) और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रक्रिया नियम की कंडिका 7 के तहत आयोजित लिखित परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 33 प्रतिशत, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। इसके चलते कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अपेक्षित अंक प्राप्त नहीं करने पर चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या विज्ञापित पदों की संख्या से कम हो सकती है।
आयोग ने बताया कि राज्य सेवा परीक्षा-2025 में भी ऐसी स्थिति बनी है, जिसके कारण कुल 795 अभ्यर्थियों के स्थान पर 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है।
पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं
CGPSC ने अपने स्पष्टीकरण में यह भी साफ किया है कि विज्ञापन की कंडिका 11(v) के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए किसी प्रश्न-पत्र के संबंध में पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना की प्रक्रिया अपनाना संभव नहीं है।
आयोग ने कहा कि चयन परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंकों की मेरिट सूची तथा मुख्य परीक्षा का कट-ऑफ आयोग की वेबसाइट पर जारी किया जाता है। इसके अलावा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अभ्यर्थी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के OMR, उत्तर पत्रक और प्रश्न-सह उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर अपने परीक्षा परिणाम के संबंध में आश्वस्त हो सकते हैं।
विशेषज्ञों से कराया जाता है मूल्यांकन
आयोग ने कहा कि सभी लिखित परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन विषय-विशेषज्ञों के माध्यम से पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ कराया जाता है। खासतौर पर राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्रों के मूल्यांकन की प्रक्रिया ऐसी अपनाई जाती है, जिससे मूल्यांकन कार्य में शामिल किसी भी व्यक्ति के लिए मूल्यांकन से संबंधित जानकारी प्राप्त करना संभव नहीं होता।
आयोग के मुताबिक मुख्य परीक्षा में प्रत्येक अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञ शामिल होते हैं। निर्धारित प्रक्रिया, नियमों और निर्देशों के माध्यम से मूल्यांकन की गोपनीयता, शुचिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है।
CGPSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैल रही भ्रामक जानकारियों से प्रभावित न हों। आयोग ने भरोसा दिलाया कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के माध्यम से साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुरूप सही तरीके से की गई है।