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रायपुर। छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक उप निरीक्षक (SI) और एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। दोनों ही मामलों में ट्रैप कार्रवाई की गई और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया।
अंबिकापुर: मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार की मांग
कोरिया जिले के पोड़ी चौकी में पदस्थ SI अब्दुल मुनाफ ने एक किसान से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। मामला अंबिकापुर के ग्राम पोड़ी निवासी किसान सत्येंद्र प्रजापति से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, किसान के यहां निर्माण कार्य के दौरान गांव के एक मजदूर के बेटे की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। जांच के लिए पहुंचे SI अब्दुल मुनाफ और ASI गुरु प्रसाद यादव ने कथित तौर पर किसान को मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी और मामला रफा-दफा करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की।

किसान ने इसकी शिकायत ACB से कर दी। 24 फरवरी को ACB की टीम ने केमिकल लगे 25 हजार रुपये किसान को देकर चौकी भेजा। जैसे ही रकम SI को सौंपी गई, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। रकम बरामद कर ली गई है। ASI को भी हिरासत में लिया गया है।
दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बलौदाबाजार: विकलांग शिक्षक से भत्ते के नाम पर 15 हजार की मांग
दूसरा मामला बलौदाबाजार जिले के भाटापारा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका का है। यहां के प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने एक विकलांग शिक्षक से विशेष विकलांगता भत्ता जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता दीपक डोंगरे ने ACB को बताया कि उनके पिता विजय कुमार डोंगरे, जो विकलांग हैं, भत्ते के पात्र हैं। आरोप है कि प्रिंसिपल हर महीने 10 हजार रुपये की मांग करते थे। हाल ही में छह महीने का बकाया भत्ता जारी करने के लिए 15 हजार रुपये मांगे गए और रकम न देने पर वेतन रोक दिया गया।
ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप कार्रवाई कर प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।