

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh annapurti grain atm raipur durg bilaspur ration
रायपुर, 8 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने शनिवार को प्रदेश के पहले तीन ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ का ऑनलाइन शुभारंभ किया। ये ग्रेन एटीएम रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में स्थापित किए गए हैं।
इस नई व्यवस्था के शुरू होने के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां तकनीक के जरिए ग्रेन एटीएम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और हितग्राहियों को उचित मूल्य की दुकानों में लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
24 घंटे, कभी भी ले सकेंगे राशन
‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की मदद से राशन कार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24×7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर अथवा राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा होने पर पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल मशीन से प्राप्त किया जा सकेगा।
इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हितग्राहियों को राशन लेने के लिए उचित मूल्य की दुकानों के खुलने के समय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही राशन दुकानों में भीड़ और लंबी कतारों को कम करने में भी मदद मिलेगी।
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ से दूसरे राज्यों के लोगों को भी लाभ
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की एक खास विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारियों तक सीमित नहीं रहेगा। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के तहत दूसरे राज्यों के राशन कार्डधारी भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए यहां से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे।
इससे छत्तीसगढ़ में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों और दूसरे राज्यों से आने वाले पात्र हितग्राहियों के लिए राशन प्राप्त करना आसान होगा।
छत्तीसगढ़ बना ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्य
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम फिलहाल उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित किए जा रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है।
प्रदेश में एक साथ तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत को पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
2500 किलो तक चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भंडारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम खाद्यान्न है। मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली से की जाएगी।
हितग्राही के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भीड़ और समय की बाध्यता होगी कम
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि अब हितग्राही अपने अन्य जरूरी काम पूरे करने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और उचित मूल्य की दुकानों पर भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी।
मंत्री ने कहा कि ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ की राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह व्यवस्था हितग्राहियों को सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देने के साथ ही पीडीएस में पारदर्शिता को और मजबूत करेगी।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने की पहल की सराहना
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि नजी़नो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है।
उन्होंने इस पहल को पारदर्शी और प्रभावी पीडीएस व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक मोतीलाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी इफ्फत आरा, अपर संचालक नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और हितग्राही मौजूद रहे।
क्या है अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम?
- 24×7 राशन प्राप्त करने की सुविधा
- आधार नंबर या राशन कार्ड नंबर से पहचान
- बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद खाद्यान्न वितरण
- करीब 2500 किलोग्राम भंडारण क्षमता
- राशन दुकानों की कतार और भीड़ से राहत
- वन नेशन, वन राशन कार्ड के तहत दूसरे राज्यों के हितग्राहियों को भी सुविधा
- तकनीक के जरिए पीडीएस में पारदर्शिता और निगरानी को बढ़ावा।