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चांपा में अवैध शराब रखने के आरोप में पकड़े गए 35 वर्षीय युवक शिव साहिस की पुलिस हिरासत में मौत के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की थी। बाद में पुलिस और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद 50 रुपये के स्टांप पर समझौता होने की बात सामने आई है।
छत्तीसगढ़ के चांपा क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में युवक की तबीयत बिगड़ने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मृतक की पहचान चांपा के महुदी पारा निवासी 35 वर्षीय शिव साहिस के रूप में हुई है।
अवैध शराब रखने के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था
जानकारी के मुताबिक, शिव साहिस के पिता मनीराम साहिस के घर से 20 लीटर अवैध शराब रखने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसके बाद शिव साहिस को हिरासत में लिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।
बताया गया कि बुधवार रात करीब 10 बजे शिव साहिस की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के लिए उसे बीडीएम अस्पताल, चांपा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर होती चली गई।
अस्पताल से मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
गंभीर स्थिति को देखते हुए युवक को आगे के इलाज के लिए जांजगीर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 4 बजे उसकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया।
हालांकि, बिलासपुर ले जाने के दौरान ही युवक की मौत हो गई। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे शिव साहिस की मौत होने की जानकारी सामने आई।
परिवार ने मांगा 50 लाख रुपये मुआवजा
युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार की ओर से 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की जा रही थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस हिरासत में हुई मारपीट के कारण शिव साहिस की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद मामला बढ़ने पर पुलिस और परिवार के बीच बातचीत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, 50 रुपये के स्टांप पर समझौता किया गया। इसमें परिवार को हर महीने 25 हजार रुपये देने और अंतिम संस्कार के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस हिरासत में मौत के बाद जांच पर नजर
युवक की मौत के बाद चांपा थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार को रिजर्व केंद्र जांजगीर भेजे जाने की जानकारी है। वहीं एसडीओपी बाबूलाल दिवाकर को भी चांपा थाने से रिजर्व केंद्र जांजगीर भेजा गया है।
इसके अलावा सारागांव टीआई निरीक्षक कमलेश शांडिल्य को चांपा थाने का प्रभार सौंपे जाने की बात सामने आई है। वहीं निरीक्षक प्रमोद कश्यप को यातायात शाखा से चांपा थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ किया गया है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस हिरासत में युवक की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उसकी मौत कैसे हुई? परिवार की ओर से पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया गया है, जबकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी।
फिलहाल पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत ने हिरासत में आरोपियों की सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई और कथित मारपीट के आरोपों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और यदि हिरासत में किसी तरह की लापरवाही या मारपीट हुई, तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।