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chhattisgarh da arrears update
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। मंत्रालय कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में 'एक मांग एक मंच अभियान' और 'पेंशनर फोरम छत्तीसगढ़' के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नवनियुक्त मुख्य सचिव विकासशील से सौजन्य मुलाकात कर विभिन्न मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष करण सिंह अटेरिया, कोषालय कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर तथा पेंशनर फोरम के प्रांतीय प्रवक्ता विद्याभूषण दुबे प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बैठक के दौरान कर्मचारी नेताओं ने जनवरी 2026 से देय महंगाई भत्ता (DA) तत्काल स्वीकृत करने की मांग उठाई। साथ ही 86 माह से लंबित महंगाई भत्ता एरियर (DA Arrears) का भुगतान जल्द शुरू करने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि यदि एकमुश्त भुगतान संभव न हो तो सरकार चरणबद्ध या किश्तों में एरियर का भुगतान करने पर विचार कर सकती है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ भी न पड़े और कर्मचारियों को उनका लंबित अधिकार भी मिल सके।
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष करण सिंह अटेरिया ने कहा कि राज्य के लाखों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति महंगाई के कारण प्रभावित हो रही है। ऐसे में डीए और लंबित एरियर का भुगतान कर्मचारियों को बड़ी राहत देगा।
वहीं, पेंशनर फोरम के प्रांतीय प्रवक्ता विद्याभूषण दुबे ने राज्य के पेंशनरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्य सचिव को बताया कि मध्य प्रदेश सरकार पेंशनरों और कर्मचारी संगठनों के साथ लंबित मुद्दों के समाधान के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित करने जा रही है। उन्होंने आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह कर्मचारियों और पेंशनर संगठनों के साथ संयुक्त बैठक बुलाई जाए, ताकि विभिन्न लंबित मामलों का समाधान संवाद के माध्यम से किया जा सके।
मुख्य सचिव विकासशील ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि डीए, एरियर भुगतान और अन्य मांगों पर वित्तीय एवं प्रशासनिक स्तर पर जल्द समीक्षा की जाएगी तथा सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्य सचिव के इस आश्वासन के बाद कर्मचारी संगठनों और पेंशनर फोरम ने उम्मीद जताई है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा, जिससे राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिल सकेगी।