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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यावरण और जल स्रोतों को दूषित करने वाली डिस्टलरियों के खिलाफ हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। वेलकम, कड़िया और भाटिया डिस्टलरियों द्वारा बिना ट्रीटमेंट किए दूषित पानी को खुले में बहाए जाने के मामले में अदालत ने तीनों कंपनियों को नोटिस जारी कर 22 जुलाई तक अपना विस्तृत जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि, 2 मई से 5 मई के बीच इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से चलाया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया और जांच के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए। कोर्ट कमिश्नरों ने 6 जुलाई को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट अदालत को सौंप दी, जिसमें तीनों डिस्टलरियों की भारी लापरवाही और नियमों की धज्जियां उड़ाए जाने का खुलासा हुआ है।
जांच रिपोर्ट में डिस्टलरियों की पोल खुली
वेलकम डिस्टर्बरी: जांच में सामने आया है कि डिस्टर्बरी से निकलने वाला गंदा पानी सीधे वन विभाग के क्षेत्र में जा रहा है और इसकी पाइपलाइन में भी लीकेज पाया गया है। इस डिस्टर्बरी पर पहले से ही 56.4 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है।
भाटिया वाइनर्स: खजुरी और शिवनाथ नदी के रास्ते पर अत्यधिक जहरीला पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पानी में बीओडी (BOD) और सीओडी (COD) का स्तर तय मानकों से बहुत ज्यादा पाया गया है। इस प्रदूषण के कारण नदियों की मछलियां भी बड़ी संख्या में मर रही हैं।
कड़िया डिस्टर्बरी: इस डिस्टर्बरी का गंदा पानी पास की खदानों के गड्ढों में जमा पाया गया है। कोर्ट कमिश्नरों ने आशंका जताई है कि यहां भी किसी बड़े लीकेज के कारण भू-जल और आसपास का इलाका प्रभावित हो रहा है।
कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने तीनों डिस्टलरियों को कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित प्रबंधन 22 जुलाई तक इस मामले में अपना विस्तृत जवाब सौंपें। इस कार्रवाई के बाद से औद्योगिक क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है।