

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

chhattisgarh liquor scam ramgopal agrawal acb eow interrogation anwar dhebar
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जांच एजेंसी ACB-EOW की कार्रवाई लगातार जारी है। कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपों से घिरे कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जेल में पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने उन्हें शराब घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर और उनके करीबी अकाउंटेंट बताए जाने वाले देवेंद्र डड़सेना के सामने बैठाकर करीब तीन घंटे तक सवाल-जवाब किए।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में कथित वित्तीय लेन-देन, रकम के ट्रांसफर और घोटाले से जुड़े नेटवर्क को लेकर सवाल किए गए। हालांकि रामगोपाल अग्रवाल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए किसी भी तरह के आर्थिक लेन-देन में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
52 करोड़ के कथित ट्रांसफर पर फोकस
ACB-EOW की जांच में कोयला घोटाले से जुड़े करीब 52 करोड़ रुपये के कथित ट्रांसफर को लेकर देवेंद्र डड़सेना की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। डड़सेना राजीव भवन में अकाउंट से जुड़े काम देखते थे और उन्हें रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया जाता रहा है।
जांच एजेंसी का दावा है कि कोयला, शराब और कस्टम मिलिंग मामलों में करीब 800 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
शराब घोटाले में 3400 करोड़ के कथित घोटाले का दावा
रामगोपाल अग्रवाल ने तीन साल तक फरार रहने के बाद 7 जुलाई को ACB-EOW कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें कोयला घोटाला मामले में रिमांड पर लिया गया। रिमांड खत्म होने के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, शराब कारोबार में करीब 3400 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच चल रही है। एजेंसी अब कथित रकम के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
ACB-EOW का आरोप है कि शराब घोटाले से जुड़ी रकम कथित तौर पर अनवर ढेबर के माध्यम से रामगोपाल अग्रवाल और अन्य लोगों तक पहुंची। हालांकि पूछताछ के दौरान रामगोपाल अग्रवाल ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया।
अब जांच एजेंसी कथित वित्तीय कड़ियों, संपर्कों और लेन-देन के रास्तों को खंगाल रही है।
ACB-EOW की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद रामगोपाल अग्रवाल को 22 जुलाई को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी आगे की पूछताछ के लिए फिर से रिमांड की मांग कर सकती है।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल शराब घोटाला मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सुर्खियों में है।