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रायपुर: शनिवार को छत्तीसगढ़ में आयोजित नेशनल लोक अदालत ने विधिक इतिहास में नया रिकॉर्ड स्थापित किया। वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेश भर के न्यायालयों ने मिलकर कुल 71,94,079 मामलों का निपटारा किया। इन मामलों के माध्यम से कुल 37,32,45,02,059 रुपए के अवार्ड पास किए गए।
यह विशाल विधिक अभियान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने दुर्ग के जिला न्यायालय में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ पोर्टफोलियो जज जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे। चीफ जस्टिस ने दुर्ग और रायपुर के न्यायालयों का निरीक्षण भी किया।
किस प्रकार के मामलों का हुआ निपटारा
लोक अदालत में मुख्य रूप से बैंक ऋण, प्री-लिटिगेशन, नगर निगम, श्रम और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े राजीनामा योग्य मामलों का निपटारा किया गया।
राजस्व न्यायालयों में 12.16 लाख मामले
कुटुंब न्यायालय में 59 मामले
अन्य न्यायालयों में 28,205 मामले निराकरण
इन मामलों में कुल 104.47 करोड़ रुपए का सेटलमेंट हुआ
राज्य उपभोक्ता फोरम में 57 प्रकरणों का निराकरण हुआ और कुल 2.46 करोड़ रुपए का अवार्ड पास किया गया।
चालान निपटारे में लोगों को परेशानी
लोक अदालत में करीब 10,500 प्रकरण चालान सेटलमेंट के लिए पंजीकृत थे और सभी का निराकरण किया गया। हालांकि, लोगों को कोर्ट से परिवहन विभाग और फिर यातायात थाना कालीबाड़ी भेजा गया, जिससे अस्थायी भ्रम और परेशानी भी हुई।
परिवार फिर साथ, भरण-पोषण विवाद सुलझा
लोक अदालत में कई बिछड़े हुए परिवारों के मामलों का भी निपटारा हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित फैमिली कोर्ट लोक अदालत में 124 प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण हुआ।
हापा सकरी निवासी दंपती का 30 साल से चला भरण-पोषण विवाद समाप्त हुआ। पति ने एकमुश्त 10,000 रुपए की स्थायी भरण-पोषण राशि देने पर सहमति दी।
चकरभाटा की तीन बेटियों का भरण-पोषण विवाद पिता की शराब की लत के कारण था। लोक अदालत में पिता ने शराब छोड़ने का संकल्प लिया और बेटियां पिता के साथ रहने को तैयार हो गईं।
मस्तूरी निवासी युवक और बोकारो की युवती, जो दिसंबर 2025 से अलग रह रहे थे, काउंसलिंग के बाद फिर साथ रहने को तैयार हुए।
इन मामलों में प्रधान न्यायाधीश आलोक कुमार, न्यायाधीश स्वर्णलता टोप्पो और प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश निरंजन लाल चौहान की खंडपीठ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिलासपुर जिले में निपटारे का बड़ा आंकड़ा
बिलासपुर और जीपीएम जिलों में नेशनल लोक अदालत में 26,336 मामलों का निपटारा हुआ और 46,07,92,041 रुपए की अवार्ड राशि पास की गई। प्री-लिटिगेशन के तहत 17,61,828 मामलों को आपसी सहमति से सुलझाया गया।
कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को कानून की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रकाशित पुस्तक “एक कदम कानून की ओर” का विमोचन भी किया गया।
इस विधिक अभियान ने छत्तीसगढ़ में न्याय तक पहुँचने की प्रक्रिया को और तेज किया और लाखों लोगों के लिए राहत का काम किया।