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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। हड़ताल के चलते प्रदेशभर में राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेशभर के 17 से अधिक जिलों के उचित मूल्य दुकान संचालकों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा ने बताया कि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, खाद्य विभाग के सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। यदि सरकार ने 5 जुलाई तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो सभी उचित मूल्य दुकान संचालक राशन वितरण कार्य बंद कर देंगे।
20 वर्षों से नहीं बढ़ी मार्जिन राशि
संघ का कहना है कि राशन दुकानदारों को मिलने वाली कमीशन (मार्जिन राशि) पिछले करीब 20 वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है। इस दौरान महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन दुकानदारों को अब भी पुरानी दरों पर ही भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में चावल वितरण पर प्रति क्विंटल बेहद कम कमीशन मिलता है, जबकि राज्य और केंद्र सरकार के खाद्यान्न वितरण में समान मेहनत लगती है। संचालकों ने दोनों योजनाओं में समान रूप से प्रति क्विंटल 150 रुपये मार्जिन देने की मांग की है।
ई-पॉस मशीन की दिक्कतों से बढ़ रही परेशानी
संघ के अनुसार कई स्थानों पर ई-पॉस मशीनों में नेटवर्क, सर्वर, लिंक फेल और तकनीकी खराबी की समस्या बनी रहती है, जिससे राशन वितरण बाधित होता है। इसका खामियाजा दुकानदारों और हितग्राहियों दोनों को उठाना पड़ता है। संचालकों ने ई-पॉस मशीनों का ऑडिट कराने, तौल की व्यवस्था दुरुस्त करने और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
शक्कर वितरण पर कमीशन बढ़ाने की मांग
संघ ने शक्कर वितरण पर मिलने वाले कमीशन को भी बढ़ाने की मांग की है। संचालकों का कहना है कि वर्तमान में प्रति किलो शक्कर पर मिलने वाला कमीशन बहुत कम है, जबकि वितरण की लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने प्रति क्विंटल शक्कर वितरण पर 100 रुपये कमीशन तय करने की मांग की है।
तीन माह का चावल एक साथ देने का विरोध
पीडीएस संचालकों ने तीन माह का चावल एक साथ वितरण करने की व्यवस्था का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि कई बार गोदामों से समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होता, जिससे वितरण प्रभावित होता है। एक साथ तीन महीने का राशन देने से दुकानों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और संचालन में कठिनाई आती है।
9 सूत्रीय मांगों में प्रमुख बिंदु
मार्जिन राशि में वृद्धि।
शक्कर वितरण पर कमीशन बढ़ाना।
ई-पॉस मशीनों की तकनीकी समस्याओं का समाधान।
तीन माह का राशन एक साथ वितरण की व्यवस्था समाप्त करना।
समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
दुकानदारों के हितों से जुड़े अन्य लंबित मामलों का निराकरण।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 5 जुलाई तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर की उचित मूल्य दुकानों में राशन वितरण पूरी तरह ठप हो सकता है, जिससे लाखों हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।