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छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टेबाजी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। महादेव ऐप के बाद अब ‘सांई सट्टा ऐप’ के जरिए अवैध सट्टा संचालित होने का खुलासा हुआ है। आईपीएल शुरू होते ही सक्रिय हुए सट्टेबाजों पर पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाईटेक रैकेट का पर्दाफाश किया।
जानकारी के मुताबिक, एक फार्महाउस में अवैध रूप से सट्टा संचालित किया जा रहा था। पुलिस की छापेमारी में सामने आया कि आरोपी ‘सांई ऐप’ के जरिए हर बॉल और ओवर पर लाखों रुपये का दांव लगवा रहे थे। सट्टे का पूरा नेटवर्क कोड वर्ड में संचालित हो रहा था और मोबाइल, लैपटॉप सहित अन्य डिजिटल उपकरणों के जरिए इसे कंट्रोल किया जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 7 मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, 3 चार्जर और 1,000 रुपये नगद जब्त किए हैं। वहीं सट्टा-पट्टी में करीब 9 लाख 20 हजार रुपये का हिसाब दर्ज मिला है। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
इस मामले में पुलिस ने कुल 7 आरोपियों की पहचान की है। इनमें से 5 आरोपियों- वीरू प्रजापति, रूपेश पाण्डे, आयुष मेश्राम, मोहित देवांगन और लक्की देवांगन—को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि मूलचंद देवांगन और नागपुर निवासी सादिक खान फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6, 7, 8, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 112 (संगठित अपराध) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी पर नजर रखी जा रही है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।