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रायपुर: छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में स्कूल फेयरवेल के दौरान छात्रों द्वारा की जा रही खतरनाक कार स्टंटबाजी का सिलसिला सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है। जांजगीर-चांपा, सूरजपुर और धरसींवा के मामलों ने राज्य के यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीर तस्वीर पेश की है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही इस तरह की खतरनाक स्टंटबाजी के खिलाफ सख्त चेतावनी दे चुका है, फिर भी छात्र अपने वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर शेयर करने में जुटे हैं।
सूरजपुर: फेयरवेल पर हाईवे स्टंट
सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र में डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्रों ने अपने फेयरवेल के लिए पांच फोर व्हीलर गाड़ियों में नेशनल हाईवे पर खतरनाक स्टंट किए। छात्र गाड़ियों से बाहर लटकते हुए और हूटर बजाते हुए हाईवे से गुजरे।
घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस को मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो, क्रेटा, डस्टर और किया सेल्टॉस सहित पांच गाड़ियों को जब्त कर लिया। जांच अधिकारी एसआई विष्णुदेव पैकरा ने बताया कि गाड़ियों को स्कूल के छात्रों ने चलाया था, जबकि वाहन चालकों की अनुपस्थिति में सभी वाहन मालिकों को थाने बुलाकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जांजगीर-चांपा: स्कूल में कार बोनट स्टंट
जांजगीर-चांपा जिले के खैरताल स्थित जीएलडी स्कूल में भी फेयरवेल पार्टी के दौरान छात्रों ने कार के बोनट पर बैठकर और खिड़कियों से बाहर लटककर स्टंट किया। यह घटना 4 फरवरी की है।
वीडियो वायरल होने के बाद नवागढ़ पुलिस ने तुरंत गाड़ियों के नंबर निकालकर वाहन चालकों की पहचान की और सभी पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 2800 रुपए का चालान काटा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धरसींवा में खिड़कियों और दरवाजों से बाहर लटकते छात्र
धरसींवा के नगर पंचायत कुंरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में फेयरवेल के दौरान कुछ छात्र कार की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर स्टंट करते रहे। छात्र चलती गाड़ियों में खड़े होकर हाथ हिलाते और जश्न मनाते नजर आए।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस मामले की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि स्टूडेंट्स की इस तरह की खतरनाक स्टंटबाजी न केवल उनकी अपनी सुरक्षा के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी गंभीर खतरा है। बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल होने से यह स्पष्ट होता है कि जागरूकता और नियमों के पालन में अभी काफी काम करने की जरूरत है।