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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और समय-सीमा में निराकरण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनसमस्याओं के समाधान और हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में आयोजित संत कबीर महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों की शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 प्रारंभ किया है। उन्होंने जनता से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों का निवारण एक निश्चित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है ताकि सुरक्षा की चिंता किए बिना लोग अपनी आवाज उठा सकें।
मुख्यमंत्री की इस सख्ती का सीधा असर जमीन पर दिखने लगा है। रायपुर जिले में खनिज सामग्री (विशेषकर अवैध रेत और मुरूम) के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग ने मोर्चा खोल दिया है।
15 दिनों में 60 से अधिक शिकायतें, कुटेला ग्राम में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पिछले महज एक पखवाड़े (15 दिनों) में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से जिला खनिज विभाग के दफ्तर में 60 से अधिक थोक शिकायतें दर्ज हुई हैं। इन शिकायतों में आरंग, उपरवारा, नवा रायपुर, अभनपुर और खरोरा क्षेत्र प्रमुख हैं, जहां अवैध रेत भंडारण और मुरूम के अवैध खनन की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं।
खनिज विभाग की टीम हर दिन इन शिकायतों की जांच के लिए औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) पर निकल रही है। इसी कड़ी में आरंग क्षेत्र के ग्राम कुटेला में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यहां चार स्थानीय रसूखदारों द्वारा पंचायत की नाक के नीचे अवैध रूप से भंडारित करके रखी गई 80 हाईवा और 90 ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध रेत को विभाग ने जब्त कर लिया है। बाजार में इस जब्त रेत की कीमत 30 लाख रुपए से भी अधिक आंकी गई है। खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए जब्त रेत की निगरानी का जिम्मा ग्राम पंचायत को सौंप दिया है।
रायपुर के खनिज विभाग के उप संचालक, राजेश मालवे ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर से प्राप्त होने वाली हर एक शिकायत पर गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के तुरंत बाद इसकी पूरी गोपनीय रिपोर्ट बनाकर शासन और खनिज मुख्यालय को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।