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कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में शनिवार को "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत एक विशाल जैविक किसान मेला और प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों से रासायनिक खाद का उपयोग छोड़कर प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया.
इस मेले के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवाचारी (Innovative) कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया. मेले में बड़े आकार के कटहल और आम उगाने वाले कृषकों के बीच एक अनूठी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें जिले भर के 100 से अधिक किसानों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया.
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन और सिमोना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण अनुबंध (MoU) किया गया. इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन (Marketing) और उत्पादन को बढ़ावा देना है. इससे स्थानीय किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनके लिए एक व्यापक बाजार उपलब्ध होगा.
मुख्यमंत्री ने इस दौरान सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है. साथ ही उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली 'बागिया दाबयुक्त सिंचाई योजना' का भी जिक्र किया, जिससे 14 गांवों को सिंचाई की सीधी सुविधा मिलेगी.
कार्यशाला में पहुंचे किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, पशुपालन, और मत्स्य पालन के साथ-साथ उन्नत कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी गई. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन रहा, जिसके माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव की आधुनिक विधि को दिखाया गया. मुख्यमंत्री साय ने खुद प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कृषि विशेषज्ञों से विभिन्न नवाचारों की जानकारी प्राप्त की.
प्रदेश में सुशासन को मजबूत बनाने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 'गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग' का गठन किया गया है. वर्तमान में ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर 400 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से नागरिक घर बैठे विभिन्न प्रमाणपत्रों और शासकीय सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में 'अटल डिजिटल सेवा केंद्र' स्थापित किए जा रहे हैं.