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रायपुर: मुख्यमंत्री Vishnudev Sai ने राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सीवरेज सफाई केवल नगर निगम या पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराई जाएगी, और इस दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश राज्य के एक निजी हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत की घटना के बाद दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने और घटना के जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन पर रोक और पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रमुख सचिव Sonmani Bora ने बताया कि जबरन मैनुअल स्केवेंजिंग करवाने पर एक वर्ष तक का कारावास या 50,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों और संविधान के उच्च आदर्शों के विपरीत है, और समाज में हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
बैठक में वर्ष 2018 की पिछली बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया और सर्वोच्च न्यायालय के 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के तहत मैनुअल स्केवेंजर्स के पुन: सर्वेक्षण रिपोर्ट पर चर्चा और अनुमोदन किया गया।
इस बैठक में केबिनेट मंत्री Guru Khushwant Saheb, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, मुख्य सचिव विकासशील, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव एस. बसवराजू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।