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ayodhya deepotsav
अयोध्या। दीपोत्सव-2026 को भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित पीएफसी सभागार में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपोत्सव में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं, अतिथियों और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयसीमा के भीतर अपनी तैयारियां पूरी करें। वीवीआईपी अतिथियों, साधु-संतों और विशिष्ट जनों के आगमन पर उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही दर्शन-पूजन के लिए आने वाले आम श्रद्धालुओं के लिए भी सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पेयजल, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
सीएम योगी ने दीपोत्सव के दौरान पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों, घाटों और आयोजन स्थलों पर लगातार सफाई होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का समय से निर्वहन करें और तैयारियों की नियमित निगरानी करें। किसी भी स्तर पर कमी मिलने पर तत्काल उसे दूर कराया जाए।
घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाने की अपील
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाने की अपील करते हुए कहा कि अयोध्या के लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर इस आयोजन का हिस्सा बनें। शैक्षणिक, सामाजिक और अन्य संस्थान भी अपने परिसरों में दीप प्रज्ज्वलित करें, ताकि पूरी अयोध्या दीपों की रोशनी से जगमगा उठे।
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव की भव्यता केवल आयोजन स्थलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे जनपद की भागीदारी इसमें दिखाई देनी चाहिए।
अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
सीएम योगी ने अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और जहां भी कोई कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्त समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।