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भिलाई। भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़ी कानूनी लड़ाई अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी Special Leave Petition (SLP) खारिज कर दी है। इसके साथ ही पूर्व मंत्री और भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पांडेय की ओर से दायर चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
अब इस मामले में 31 अगस्त 2026 से आगे की सुनवाई शुरू होने की बात सामने आई है। हाईकोर्ट में अब दोनों पक्षों के दस्तावेज, सबूत और गवाहों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ सकती है।
2023 के विधानसभा चुनाव से जुड़ा है मामला
पूरा विवाद 2023 के भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र यादव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय को हराया था।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रेम प्रकाश पांडेय ने देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी।
याचिका में मुख्य तौर पर देवेंद्र यादव की ओर से चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे और उसमें दी गई जानकारियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
हलफनामे में जानकारी अधूरी देने का आरोप
प्रेम प्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन के समय देवेंद्र यादव की ओर से दी गई जानकारी पूरी तरह से स्पष्ट और पूर्ण नहीं थी।
याचिका में कथित तौर पर आपराधिक मामलों, संपत्ति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि उम्मीदवार के हलफनामे में मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी पूरी तरह सामने आनी चाहिए थी।
हालांकि, इन आरोपों को अभी अदालत ने सही या गलत घोषित नहीं किया है। इनका अंतिम फैसला सबूत और गवाही के आधार पर ही होगा।
हाईकोर्ट में शुरुआती स्तर पर मामला रोकने की कोशिश
इस चुनाव याचिका की सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव की ओर से हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल की गई थी। इसमें मांग की गई थी कि मामले से जुड़े कुछ मुद्दों को शुरुआती स्तर पर ही तय किया जाए और चुनाव याचिका को आगे बढ़ने से रोका जाए।
30 जून 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी।
हाईकोर्ट का कहना था कि मामले में ऐसे सवाल मौजूद हैं, जिनका फैसला केवल दस्तावेजों को देखकर नहीं किया जा सकता। इसके लिए दोनों पक्षों के सबूत, गवाह और दस्तावेज सामने आना जरूरी है।
यानी अदालत ने मामले को ट्रायल के स्तर पर आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे देवेंद्र यादव
हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने Special Leave Petition यानी SLP दाखिल कर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
25 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और देवेंद्र यादव की SLP खारिज कर दी।
इस फैसले के बाद अब चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई आगे बढ़ेगी।
देवेंद्र यादव ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने इसे एक संवैधानिक प्रक्रिया बताया। उनका कहना है कि दोनों पक्ष अदालत के सामने अपनी-अपनी बात रख रहे हैं।
यानी फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और अभी किसी भी पक्ष के आरोप या दावे पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं आया है।
अब 31 अगस्त से क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट से SLP खारिज होने के बाद अब चुनाव याचिका पर हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
31 अगस्त से आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों की ओर से दस्तावेज और अन्य सबूत पेश किए जा सकते हैं। जरूरत के मुताबिक गवाहों के बयान भी दर्ज हो सकते हैं।
इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं या नहीं।
यानी अब मामला सिर्फ शुरुआती कानूनी आपत्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सबूत और गवाही के आधार पर ट्रायल की दिशा में आगे बढ़ेगा।
क्या देवेंद्र यादव का चुनाव रद्द होगा?
फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP खारिज किए जाने का मतलब यह नहीं है कि देवेंद्र यादव का चुनाव अवैध घोषित कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया गया, जिसके तहत चुनाव याचिका को आगे सुनवाई के लिए अनुमति मिली थी।
अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि प्रेम प्रकाश पांडेय की ओर से लगाए गए आरोप सबूतों से साबित होते हैं या नहीं।
अंतिम फैसला आने तक देवेंद्र यादव भिलाई नगर से निर्वाचित विधायक हैं।
पहले भी सुप्रीम कोर्ट जा चुका है मामला
इस चुनाव विवाद से जुड़े कानूनी घटनाक्रम में यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट के सामने मामला पहुंचा है। इससे पहले भी इसी चुनाव याचिका से जुड़े एक अन्य मामले में देवेंद्र यादव की एक SLP सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी है।
अब ताजा घटनाक्रम के बाद भिलाई नगर चुनाव विवाद एक बार फिर चर्चा में है।
अब सबकी नजर 31 अगस्त पर
एक तरफ प्रेम प्रकाश पांडेय की चुनाव याचिका में हलफनामे और जरूरी जानकारियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं, तो दूसरी तरफ देवेंद्र यादव इन कानूनी आरोपों का सामना कर रहे हैं।
अब असली परीक्षा हाईकोर्ट के ट्रायल में होगी—क्या लगाए गए आरोप सबूतों से साबित होंगे या देवेंद्र यादव को अदालत से राहत मिलेगी?
इसका जवाब आने वाले दिनों में हाईकोर्ट की सुनवाई और अंतिम फैसले से ही साफ होगा।