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driving licence new rules 2026 india
नई दिल्ली। देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने और उसे अपडेट कराने के नियमों में बड़े बदलाव हो सकते हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, लाइसेंस में राष्ट्रीयता का उल्लेख करने और सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के मूल्यांकन में पास होने के लिए न्यूनतम अंक बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाना, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को आसान बनाना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। हालांकि, ये अभी प्रस्ताव हैं। इन्हें अंतिम नियम मानने से पहले सरकार की अधिसूचना देखना जरूरी होगा।
ड्राइविंग लाइसेंस में क्या-क्या बदलाव हो सकते हैं?
प्रस्तावित नियमों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस में कई नई सुविधाएं और शर्तें शामिल की जा सकती हैं।
भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग की व्यवस्था।
ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता का उल्लेख।
मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी अनिवार्य करने का प्रस्ताव।
ब्लड ग्रुप और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का विकल्प।
चिप के बजाय QR कोड वाला स्मार्ट कार्ड।
लाइसेंस से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म।
सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के मूल्यांकन में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने की शर्त।
भारतीयों और विदेशियों के लिए अलग रंग के लाइसेंस
मंत्रालय के ड्राफ्ट में पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता दर्ज करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस के लिए अलग-अलग रंगों की व्यवस्था की जा सकती है।
इस बदलाव का उद्देश्य लाइसेंस धारक की पहचान और राष्ट्रीयता से जुड़ी जानकारी को स्पष्ट करना है। हालांकि, अलग-अलग रंगों की अंतिम व्यवस्था और इसे लागू करने की तारीख की पुष्टि अंतिम अधिसूचना के बाद ही होगी।
DL के लिए 75% अंक हासिल करना जरूरी हो सकता है
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े प्रस्तावों में सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल का मूल्यांकन भी शामिल है। इसके तहत ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, आवेदकों के लिए सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित कम से कम 30 मिनट का वीडियो ट्यूटोरियल देखने की शर्त भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति अधिक जागरूक बनाना है।
मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय आवेदक को अपना मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी देनी पड़ सकती है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी शामिल किया जा सकता है।
इन जानकारियों से जरूरत पड़ने पर लाइसेंस धारक से संपर्क करने और आपातकालीन परिस्थितियों में उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
आधार, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों से बनेगा लाइसेंस
ड्राफ्ट में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए उम्र, पते और पहचान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है।
प्रस्तावित सूची में शामिल प्रमुख दस्तावेज इस प्रकार हैं:
पते का प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड और पिछले तीन महीनों के बिजली या गैस बिल जैसे दस्तावेज।
उम्र का प्रमाण: पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र और सरकारी विभागों द्वारा जारी पहचान पत्र।
पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन कार्ड।
विदेशी नागरिकों के लिए: भारत में कानूनी रूप से रहने से संबंधित प्रमाण।
मंत्रालय ने उम्र और पते के प्रमाण के लिए शपथ-पत्रों के सामान्य इस्तेमाल को समाप्त करने का प्रस्ताव भी रखा है। हालांकि, यदि आवेदक निर्धारित दस्तावेजों में से कोई भी प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी विशेष परिस्थितियों में सक्षम मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने दिए गए शपथ-पत्र को स्वीकार कर सकती है।
DL अपडेट कराने के लिए नहीं देना पड़ सकता शुल्क
ड्राफ्ट में ड्राइविंग लाइसेंस में नाम, पता और संपर्क नंबर जैसी जानकारी अपडेट कराने के लिए कुछ सेवाओं का शुल्क माफ करने का प्रस्ताव है। इन सुविधाओं का लाभ ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से दिए जाने की बात कही गई है।
इसके अलावा, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी अलग-अलग सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है। इसमें लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लिकेट लाइसेंस जारी करना, वाहन की नई श्रेणी जोड़ना और व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव जैसी सेवाएं शामिल हो सकती हैं।
आवेदक की जरूरी जानकारी उपलब्ध होने पर सारथी पोर्टल से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से प्राप्त करने का भी प्रस्ताव है।
आवेदन पर 15 दिनों में फैसला लेने का प्रस्ताव
ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी में बदलाव के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर मंजूरी या अस्वीकृति का निर्णय लेने का प्रस्ताव है। आवेदन अस्वीकार करने की स्थिति में कारण बताना होगा।
ड्राफ्ट के अनुसार, पते में बदलाव का आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहने पर उसे स्वीकृत मानने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
अभी लागू नहीं हुए हैं नए नियम
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े ये बदलाव फिलहाल प्रस्तावित हैं। इनके लागू होने की स्थिति, अंतिम प्रावधानों और प्रभावी तारीख की जानकारी सरकार की अंतिम अधिसूचना से स्पष्ट होगी। इसलिए वाहन चालकों और नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को मौजूदा नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए और नए बदलावों के संबंध में आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।