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दुर्ग: जिला मुख्यालय स्थित दुर्ग सेंट्रल जेल में गुरुवार सुबह जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक छापामार कार्रवाई की। कलेक्टर अभिजीत सिंह और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 100 पुलिस जवानों व अधिकारियों ने सुबह तड़के लगभग साढ़े पाँच से छह बजे जेल परिसर में दबिश दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से जेल प्रशासन और बंदियों के बीच हड़कंप मच गया।
करीब साढ़े तीन घंटे तक चले इस सघन तलाशी अभियान के दौरान जेल के भीतर से कई प्रतिबंधित और आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं।
जांच के दौरान मिला आपत्तिजनक सामान
सूत्रों और प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद 2 हजार से अधिक बंदियों की सुरक्षा और व्यवस्था की जांच के लिए भारी पुलिस बल को उतारा गया था। तलाशी के दौरान टीम को निम्नलिखित सामग्रियां हाथ लगीं:
मोबाइल फोन: जेल के भीतर से दो पैड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
सिम कार्ड: जब्त किए गए दोनों मोबाइलों में से एक में सिम कार्ड लगा हुआ मिला है।
अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं: इसके अलावा जेल परिसर के खाली मैदानों और बैरकों से चिलम, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू, नेल कटर और कैंची जैसी कई आपत्तिजनक सामग्रियां भी पाई गईं।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दिए सख्त निर्देश, तकनीकी जांच होगी शुरू
मौके पर मौजूद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मिले दोनों मोबाइल फोन और सिम कार्ड का पंचनामा तैयार कर उसे पद्मनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है।
कॉल डिटेल और संपर्कों की होगी जांच: पुलिस अब तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुट गई है कि बरामद मोबाइल का इस्तेमाल कौन करता था, सिम कार्ड किसके नाम पर रजिस्टर्ड है और इन नंबरों से जेल के अंदर से बाहर किन-किन लोगों से बातचीत की जाती थी।
सुरक्षा चूक पर सवाल: जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को धेंगा दिखाकर मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामान कैसे पहुंचे, इसकी भी आंतरिक जांच की जा रही है। कलेक्टर ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने तथा भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं।
छापेमारी और निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने जेल के भीतर बंदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं की भी पड़ताल की। जांच में सामने आया कि विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के चलते एक बैरक में लगभग 30 से 40 बंदियों को उपचार के लिए भर्ती किया गया है। इसके अलावा, जेल कर्मचारियों के लिए नवनिर्मित क्वार्टरों का जायजा लिया गया, जिनका आवंटन जल्द शुरू किए जाने की बात कही गई है।
प्रशासनिक स्तर पर इस बड़ी कार्रवाई के बाद से हड़कंप मचा हुआ है और तकनीकी जांच की रिपोर्ट आने के बाद कई अन्य खुलासे होने की उम्मीद है।