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durg school students prohibited tablets incident
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ प्रतिबंधित दवा का सेवन करने से शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्च माध्यमिक स्कूल (पंचशील नगर) के 6 छात्र गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं। घटना के बाद बच्चों को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ एक छात्र को आईसीयू (ICU) में रखा गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल के 9वीं और 10वीं कक्षा के 6 छात्रों ने स्कूल परिसर में ही प्रतिबंधित टैबलेट का सेवन कर लिया था। घटना के संबंध में स्कूल की प्रभारी प्रिंसिपल नलिनी वर्मा ने बताया कि 10वीं कक्षा का एक छात्र अपने घर से यह टैबलेट चोरी करके लाया था और अन्य छात्रों को 'सिरदर्द की दवा' बताकर खिला दी। किसी छात्र ने 2 तो किसी ने 4 टैबलेट का सेवन किया, जिससे वे ओवरडोज का शिकार हो गए। दवा का असर करीब 24 घंटे बाद देखने को मिला।
जांच में खुलासा हुआ है कि जिस छात्र ने यह दवा उपलब्ध कराई, उसका बड़ा भाई मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) है। भाई अवसाद और नींद न आने की बीमारी (insomnia) से जूझ रहा था, जिसके लिए डॉक्टर ने ये दवाएं लिख रखी थीं। छोटा भाई इन्हीं दवाओं को घर से चुराकर स्कूल ले आया था। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
यह घटना जिले में स्कूलों की सुरक्षा और मादक पदार्थों की पहुंच को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस विभाग द्वारा जिले के 650 स्कूलों का सुरक्षा ऑडिट कराया गया था। इस ऑडिट रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जिले के 47 स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में पान के ठेले हैं, जहाँ गांजा और अन्य मादक पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस सूची में प्रभावित चंद्रशेखर आजाद स्कूल का नाम भी शामिल है।
इस घटना ने खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए 'एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स' (ANTF) का गठन किया है, लेकिन इसके बावजूद प्रतिबंधित दवाओं का छात्रों तक पहुंचना बड़ी प्रशासनिक चूक को दर्शाता है।
इस घटना के बाद से क्षेत्र के अभिभावकों में काफी आक्रोश और चिंता का माहौल है।