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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर एक इंजीनियर से 16.66 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने पहले मुनाफे का लालच दिया, फिर भरोसा जीतकर धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली। मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित राजनारायण पाण्डेय (46), जो भिलाई के निवासी हैं और मुंबई की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत हैं, इस ठगी का शिकार हुए। जानकारी के अनुसार, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक अनजान लिंक आया, जिसके जरिए उन्हें “VIP एग्जीक्यूटिव सर्विस” से जुड़ने का ऑफर मिला।
इस ऑफर में शेयर मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का दावा किया गया। लालच में आकर पीड़ित ने 2 जनवरी 2026 को एक व्हाट्सऐप ग्रुप जॉइन कर लिया।
व्हाट्सऐप ग्रुप में “दिया मेहरा” नाम की महिला ने खुद को कंपनी की प्रतिनिधि बताया। उसने “abslhnw” नाम के एक ऐप के जरिए निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाया।
शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर पीड़ित का विश्वास जीता गया। इसके बाद उन्हें बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
ठगों ने शक से बचने के लिए कई बैंक खातों और यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किया। पीड़ित ने अपने और पत्नी के खाते से कुल 16,66,000 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए।
मुख्य ट्रांजैक्शन इस प्रकार हैं:
₹5,000 – एचआर ट्रेडर्स (कोटक महिंद्रा बैंक)
₹80,000 – रेशमी कुमारी (UPI)
₹20,000 – सोनू (UPI)
₹41,000 – अंकित कुमार (UPI)
₹80,000 – गुरमीत कौर (UPI)
₹60,000 – नेहा प्रवीण (UPI)
₹1,00,000 – गोपाल (UPI)
₹80,000 – गोपाल (UPI)
₹10,00,000 – ट्रेंडोरा तव्यास OPC प्राइवेट लिमिटेड (RTGS)
₹2,00,000 – वाईडी एंटरप्राइजेज (RTGS)
2 मार्च 2026 को जब पीड़ित ने अपनी निवेश राशि निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नया बहाना बनाकर और पैसे जमा करने की मांग की। इसी दौरान पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने आगे भुगतान करने से मना कर दिया।
ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जहां उन्हें एक्नॉलेजमेंट नंबर भी मिला। इसके बाद उन्होंने थाना वैशाली नगर, दुर्ग में लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की।
प्रारंभिक जांच में मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अब बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर आने वाले निवेश के लालच वाले लिंक कितने खतरनाक हो सकते हैं। अनजान ऐप और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए निवेश करने से पहले पूरी जांच जरूरी है, वरना एक छोटी गलती बड़ी आर्थिक हानि में बदल सकती है।