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रायपुर/नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एबिक्स (Ebix) के चेयरमैन और कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने उन्हें दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और अब उन्हें आगे की पूछताछ के लिए रायपुर लाया जा रहा है। संभावना है कि बुधवार को उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत में पेश किया जाएगा।
940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
विकास गर्ग की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही ईडी ने उनके, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं। एजेंसी के अनुसार, इनमें दिल्ली, गोवा, नैनीताल समेत विभिन्न स्थानों पर स्थित परिवार की 12 अचल संपत्तियां भी शामिल हैं।
अवैध कमाई से निवेश का आरोप
ईडी का आरोप है कि महादेव बेटिंग नेटवर्क से अर्जित कथित अवैध धन को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों में निवेश किया गया। जांच में सामने आया है कि रकम को कई कंपनियों के जरिए अलग-अलग स्तर पर ट्रांसफर कर उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। बाद में इसी धन का इस्तेमाल शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य परिसंपत्तियां खरीदने में किया गया।
एजेंसी का दावा है कि विकास गर्ग ने इसी कथित अवैध धन के जरिए Eraaya Lifespaces Limited के माध्यम से EbixCash में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की। ईडी का मानना है कि यह निवेश अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) से किया गया।
तीन सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर हैं विकास गर्ग
विकास गर्ग विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के प्रमोटर हैं। ईडी इन कंपनियों में हुए निवेश और फंड फ्लो की भी जांच कर रही है।
पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहे
यह पहली बार नहीं है जब विकास गर्ग जांच एजेंसियों के निशाने पर आए हों। नवंबर 2025 में ईडी ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। वह मामला लगभग 190 करोड़ रुपये की कथित कस्टम ड्यूटी धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा था।
ईडी के मुताबिक, उस मामले में सुपारी और अन्य सामानों के अवैध आयात, फर्जी निर्यात दस्तावेजों के इस्तेमाल और ड्यूटी-फ्री आयात का गलत लाभ उठाने के आरोप थे। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी और 12 नवंबर 2025 को विकास गर्ग से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी।
देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल महादेव ऐप
सीबीआई और ईडी के अनुसार, महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल विदेश में रहकर इस नेटवर्क का संचालन करते रहे।
जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया। अवैध कमाई को पहले फर्जी या 'म्यूल' बैंक खातों में भेजा जाता था और बाद में विभिन्न माध्यमों से विदेश ट्रांसफर किया जाता था। जांच एजेंसियों का यह भी आरोप है कि इस रकम का एक हिस्सा कथित तौर पर कुछ लोक सेवकों को संरक्षण राशि (प्रोटेक्शन मनी) के रूप में भी दिया गया।
ईडी की ताजा कार्रवाई को महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब रायपुर में पूछताछ के दौरान कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।