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former arto lalit kumar arrested disproportionate assets up vigilance
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विजिलेंस टीम ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार (13 जुलाई) को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
विजिलेंस के अनुसार, ललित कुमार आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनात रह चुके हैं। उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों के आधार पर लंबे समय से जांच चल रही थी। इसी क्रम में 7 और 8 जुलाई को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने लखनऊ स्थित उनके आवास पर छापेमारी कर तलाशी अभियान चलाया।
छापे में मिला भारी निवेश और संपत्ति का रिकॉर्ड
तलाशी के दौरान विजिलेंस को बड़ी मात्रा में नकदी, सोने और चांदी के बिस्किट, बहुमूल्य आभूषण तथा चल-अचल संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज मिले। टीम ने 15 संपत्तियों के दस्तावेज, दो कारें और एक रिवॉल्वर भी बरामद की है। इसके अलावा विभिन्न बैंकों, डाकघर, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में किए गए निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
संपत्ति का नहीं दे सके संतोषजनक जवाब
जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान ललित कुमार अपनी संपत्तियों और निवेश के संबंध में आय के वैध स्रोतों की संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। उन पर जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराने का भी आरोप है। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
वित्तीय लेन-देन की होगी गहन जांच
विजिलेंस अब बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपत्तियां किस प्रकार अर्जित की गईं। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस पूरे मामले में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। बरामद संपत्तियों, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।