

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

gpm illegal mining mineral transportation cm helpline action
रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई कर रेत, मिट्टी और गिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त 4 ट्रैक्टर और 1 हाईवा वाहन जब्त किया है। कार्रवाई के बाद अवैध खनन और परिवहन में लगे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
खनिज विभाग के अनुसार, सिवनी क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया। वहीं मजगवां से एक ट्रैक्टर, पड़वनिया से ईंट निर्माण के लिए मिट्टी के अवैध परिवहन में संलिप्त एक ट्रैक्टर और पकरिया से गिट्टी के अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे एक हाईवा वाहन को जब्त किया गया।
जब्त वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया
कार्रवाई के बाद जब्त किए गए सभी वाहनों को नियमानुसार सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। इनमें दो ट्रैक्टरों को सिवनी चौकी में रखा गया है, जबकि दो ट्रैक्टर और एक हाईवा वाहन को अमरपुर पुलिस लाइन में सुरक्षित रखा गया है।
खनिज विभाग ने जब्त वाहनों के मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। संबंधित मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर मौके पर जांच
जिले में नागरिकों की ओर से सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराई जा रही शिकायतों को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। शिकायतों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में खनिज विभाग ने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की जांच की और अवैध खनिज परिवहन के मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच वाहनों को जब्त किया।
कलेक्टर विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गुणवत्तापूर्ण जांच, समयबद्ध कार्रवाई और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत खनिज विभाग शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए मौके पर कार्रवाई कर रहा है।
अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई रहेगी जारी
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, अवैध उत्खनन, खनिजों के अवैध भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। विभाग द्वारा ऐसे मामलों की निगरानी के साथ-साथ नागरिकों से प्राप्त शिकायतों की भी जांच की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य जिले के खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और शासन के राजस्व को होने वाली क्षति को रोकना है।