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रायपुर। ट्रेन और रेलवे स्टेशन परिसर में नियमों को नजरअंदाज करने वाले यात्रियों की जेब अब ढीली होने वाली है। रेलवे बोर्ड ने 'जनविश्वास अधिनियम' के अंतर्गत नियमों में बड़ा संशोधन करते हुए जुर्माने की राशियों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। ये नए नियम 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर बढ़ाए गए जुर्माने का भुगतान नहीं किया गया, तो मामला सीधे कोर्ट जाएगा, जहाँ जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर नए नियमों की जानकारी जमीनी स्तर पर पहुंचाने के निर्देश दे दिए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले बिना टिकट यात्रा पर जुर्माने की राशि वर्ष 2013 में ₹50 से बढ़ाकर ₹250 की गई थी। अब ठीक 13 वर्षों के बाद इसमें दोबारा वृद्धि कर इसे ₹500 कर दिया गया है। इसके अलावा, यदि कोई यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक की गई टिकट (Transfer of Ticket) पर सफर करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे भी भारी पेनल्टी भरनी होगी।
नए प्रावधान के तहत महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़े कदम उठाए गए हैं। यदि कोई पुरुष यात्री बिना अनुमति महिला कोच या महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर यात्रा करते पाया जाता है, तो उससे टिकट के अलावा ₹2,500 तक की पेनल्टी वसूली जाएगी। बिलासपुर रेल मंडल के सीपीआरओ डॉ. शुष्कर विपुल बिलासराव ने बताया कि इन संशोधित नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
अंबाला संवाददाता और रेलवे सुरक्षा बलों के इनपुट्स के अनुसार, ट्रेनों और स्टेशनों पर बिना लाइसेंस के अवैध वेंडिंग (फेरी लगाना), भीख मांगना, गंदगी फैलाना और धूम्रपान करने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। स्टेशन परिसर में नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर ₹500 का फाइन जारी रहेगा, वहीं ट्रेनों में उपद्रव या हुड़दंग मचाने वालों पर सीधे कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जाएगा।