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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कांग्रेस नेता के बेटे आयुष कश्यप हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रेत-गिट्टी के कारोबार में बढ़ते प्रभाव, पैसों के विवाद और पुरानी दुश्मनी के चलते हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने सुपारी लेकर वारदात को अंजाम दिया था।
यह पूरा मामला करही गांव स्थित बिर्रा थाना क्षेत्र का है। 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात करीब साढ़े 12 बजे तीन नकाबपोश बदमाश कांग्रेस नेता और कारोबारी सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसे थे। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें उनके बड़े बेटे आयुष कश्यप (19) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
हेमंत कुमार बघेल (23)
भूषण बघेल (23)
अमित टंडन (28)
तीनों आरोपी करही गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी गुजरात भाग गए थे और वहां काम कर रहे थे। शक के आधार पर पूछताछ के लिए उन्हें वापस बुलाया गया, जहां उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी भूषण बघेल ने वर्ष 2023 में आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप की हत्या के लिए भी 7 लाख रुपए की सुपारी ली थी, लेकिन वह उस समय वारदात को अंजाम नहीं दे पाया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से व्यवसायिक दुश्मनी और आर्थिक विवाद के चलते कश्यप परिवार से रंजिश रखते थे।
हालांकि, हत्या की सुपारी किसने दी थी, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। मामले का मास्टरमाइंड और कुछ अन्य सहयोगी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आयुष अपने पिता का रेत और गिट्टी का कारोबार संभाल रहा था। हाल ही में उसने हाइवा और जेसीबी मशीनें खरीदी थीं, जिससे इलाके में उसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे जलन रखते थे।
इसके अलावा पैसों के लेन-देन और पुराने कर्ज को लेकर भी विवाद चल रहा था। इन्हीं कारणों से आरोपियों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात आरोपी पहले से ही घर के आसपास छिपकर बैठे थे। सबसे पहले उन्होंने घर के बाहर लगे CCTV कैमरे तोड़े और फिर घर में घुस गए।
इसके बाद बदमाशों ने आयुष के माता-पिता को कमरे में बंद कर दिया और आयुष पर सिर और सीने में गोलियां दाग दीं। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को भी गोली मार दी गई।
वारदात के बाद आरोपी घर से करीब 50-60 हजार रुपए नकद और एक आईफोन लूटकर फरार हो गए थे।
मृतक आयुष कश्यप (19) बीएएलएलबी सेकेंड ईयर का छात्र था। वहीं उसका छोटा भाई आशुतोष कश्यप (16) 10वीं का छात्र है और बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करता है। उनकी बहन प्रेरणा कश्यप जगदलपुर जिले के अंजर गांव पोस्ट ऑफिस में BPM पद पर कार्यरत है।
घटना वाली रात तीनों भाई-बहन एक ही कमरे में सो रहे थे, तभी बदमाशों ने हमला किया।
मामले की जांच के लिए कोरबा, जांजगीर और बिलासपुर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई थी। पुलिस ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत 7 राज्यों में दबिश दी।
जांच के दौरान 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए और साइबर टीम लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी रही।
ट्रेनिंग से लौटने के बाद एसपी विजय कुमार पांडेय सीधे करही गांव पहुंचे थे। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद पूरे मामले में ‘ऑपरेशन हंट’ शुरू किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, उसकी मैगजीन, एक खाली मैगजीन और एक बाइक बरामद की है। फिलहाल पुलिस फरार मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।