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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। लगातार हो रहे आत्मसमर्पणों से संगठन की पकड़ कमजोर होती दिख रही है। शनिवार को पखांजूर क्षेत्र के परतापुर थाने में एरिया कमेटी के तीन सक्रिय सदस्य—राधिका कुंजाम, संदीप कड़ियाम और रैनू पद्दा—ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उनके पास से दो एसएलआर और एक .303 राइफल बरामद की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले चार दिनों में कुल नौ माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, अब भी 14 माओवादी सक्रिय हैं, जिनका आत्मसमर्पण कराना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इस बीच, मिलिट्री कंपनी की सदस्य और आठ लाख रुपये की इनामी माओवादी स्वरूपा का आत्मसमर्पण संगठन के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है। उनके मुख्यधारा में लौटने से अन्य माओवादियों पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।
हालांकि, स्टेट कमेटी की सदस्य रूपी और डिविजनल कमेटी के सदस्य चंदर के आत्मसमर्पण की चर्चाएं लंबे समय से चल रही हैं, लेकिन अब तक दोनों ने हथियार नहीं डाले हैं। जानकारी के अनुसार, रूपी माओवादी नेता विजय रेड्डी की पत्नी हैं और अभी भी जंगलों में सक्रिय रहकर संगठन का संचालन कर रही हैं।
पखांजूर के एडिशनल एसपी राकेश कुर्रे ने बताया कि शेष माओवादियों से संपर्क साधने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
आत्मसमर्पण के बाद पूर्व माओवादी स्वरूपा का एक भावुक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गोंडी भाषा में लिखे इस पत्र में उन्होंने अपने पूर्व साथियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। माना जा रहा है कि इस अपील का असर अन्य माओवादियों पर भी पड़ सकता है।