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कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में चर्चित जमीन सौदेबाजी कांड लगातार नए मोड़ ले रहा है। मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी (CSP) नेहा पच्चीसिया समेत तीन आरोपियों पर पुलिस ने इनाम घोषित कर दिया है। जिला पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके अलावा फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और जमीन खरीदार मारुफ हनफी पर भी इनाम रखा गया है।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनके मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं और घरों पर ताले लगे हुए हैं। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है। साथ ही विशेष जांच दल यानी SIT अलग-अलग संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
देश छोड़ने की आशंका, लुकआउट नोटिस जारी
मामले में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उनके देश छोड़कर फरार होने की आशंका को देखते हुए पुलिस की ओर से लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके जरिए देश के एयरपोर्ट और अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया गया है, ताकि आरोपी देश से बाहर निकलने का प्रयास करे तो उसे रोका जा सके।
मामले की जांच की निगरानी जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी कर रही हैं। SIT की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और उनकी लोकेशन का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तीनों आरोपियों पर इनाम
पुलिस ने इस मामले में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए इनाम की घोषणा की है। निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के साथ फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और जमीन खरीदार मारुफ हनफी भी पुलिस की तलाश में हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल बंद होने और घरों पर ताले लगे होने के कारण उनकी तलाश के लिए तकनीकी जांच के साथ-साथ मुखबिर तंत्र की भी मदद ली जा रही है।
अग्रिम जमानत पर अदालत में सुनवाई
मामले में नेहा पच्चीसिया और उनके साथी आरोपियों की ओर से अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। कटनी जिला अदालत में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। इससे पहले भी मामले में अदालत में लंबी बहस हो चुकी है, लेकिन आरोपियों को अब तक राहत नहीं मिली है।
अग्रिम जमानत पर अदालत के फैसले को इस मामले में अहम माना जा रहा है। यदि आरोपियों को राहत नहीं मिलती है, तो पुलिस की गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
15 लाख रुपये की मांग के आरोप से जुड़ा मामला
पूरे मामले की शुरुआत कटनी के कुठला थाना क्षेत्र से जुड़ी एक गंभीर आपराधिक घटना से हुई। यहां रहने वाले रमेश लोधी के बेटे पर एक आदिवासी युवक की हत्या का आरोप लगा था। आरोप के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
रमेश लोधी का आरोप है कि उनके बेटे के मामले में राहत दिलाने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। इस कथित मांग के सिलसिले में कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा का नाम भी सामने आया है।
परिवार का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने के बाद उन्हें अपनी जमीन बेचकर पैसे की व्यवस्था करने का रास्ता बताया गया।
1.07 करोड़ का सौदा, हाथ में मिले सिर्फ 18 लाख
यही वह बिंदु है जहां से जमीन सौदेबाजी का मामला सामने आया। परिवार के अनुसार, उनकी करीब दो हेक्टेयर जमीन में से एक हिस्से को बेचने की बात हुई। बताया गया कि जमीन की बाजार कीमत करीब 82 लाख रुपये थी, जबकि कथित तौर पर इसका सौदा 1.07 करोड़ रुपये में तय किया गया।
लेकिन परिवार का आरोप है कि इतने बड़े सौदे के बावजूद उन्हें वास्तविक रूप से सिर्फ 18 लाख रुपये ही मिले। बाकी रकम कहां गई और जमीन के सौदे में किन-किन लोगों की भूमिका रही, यही अब जांच का सबसे अहम सवाल है।
पुलिस इस पूरे लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जमीन की कीमत, वास्तविक सौदा राशि, भुगतान का तरीका और रकम किन लोगों तक पहुंची—इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारी का नाम आने से बढ़ी चर्चा
इस मामले ने इसलिए भी खासा तूल पकड़ा है क्योंकि जमीन के सौदे से जुड़े आरोपों में एक पुलिस अधिकारी का नाम सामने आया और बाद में निलंबित सीएसपी के फरार होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस की ओर से इनाम घोषित किए जाने और लुकआउट नोटिस जारी होने से मामला और गंभीर हो गया है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों फरार आरोपियों को जल्द से जल्द तलाशना और कथित जमीन सौदे में हुई रकम की पूरी कड़ी सामने लाना है। SIT की जांच और अदालत में होने वाली अग्रिम जमानत की सुनवाई के बाद इस मामले में आगे की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।