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रायपुर। खैरागढ़ जिले में राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे वर्षों से नौकरी कर रहे लोगों का मामला अब गंभीर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर खैरागढ़ थाने में चार कर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के नाम से वर्ष 2021 में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर आठ लोगों को अलग-अलग शासकीय संस्थानों में नियुक्त किया गया था। लंबे समय तक यह फर्जीवाड़ा दबा रहा, लेकिन हाल ही में जब दस्तावेजों की जांच हुई तो मामला उजागर हो गया, जिसके बाद जिला स्तर पर जांच शुरू की गई।
मामला सामने आते ही खैरागढ़ जिले में पदस्थ चार कर्मी अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए अवकाश पर चले गए थे। जांच में नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी पाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी लाल द्विवेदी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया।
इसके बाद देर रात खैरागढ़ थाने में दर्ज एफआईआर में आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का उपयोग) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस अब इस पूरे मामले में फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने वाले गिरोह, नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में आने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।